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स्कूल जा रहे बच्चे पर भालुओं का हमला:आंख निकाली, चेहरे से नोच ले गए मांस
Wed, 28 Sep 2022 01:46 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कांकेर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Wed, 28 Sep 2022 01:46 PM IST
सार
करीब तीन माह पहले भी कांकेर में भालुओं ने एक महिला पर हमला कर उसे घायल कर दिया था। महिला अपने परिवार के साथ सो रही थी। ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहर में भी भालुओं की आमद बनी रहती है।
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कांकेर में स्कूल जा रहे बच्चे पर भालू ने किया हमला।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के कांकेर में बुधवार सुबह 7 साल के बच्चे पर भालुओं ने हमला कर दिया। बच्चा स्कूल जाने के लिए घर से निकल रहा था। इसी दौरान वहां घूम अपने दो शावकों के साथ घूम रही मादा भालू ने बच्चे पर हमला कर उसकी आंख निकाल ली और चेहरे से मांस नोच ले गई। बच्चे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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बाड़ी में भालुओं ने किया हमला
जानकारी के मुताबिक, लखनपुरी के पास ग्राम तारसगांव निवासी रोहन पोया (7) पुत्र सालिक राम पोया क्लास चौथी में महावीर पारा तारसगांव में पढ़ता है। वह रोज की तरह तैयार होकर सुबह करीब 8.30 बजे स्कूल जाने के लिए निकल रहा था। इससे पहले वह किसी काम से बाड़ी की ओर गया तो वहां मादा भालू ने उस पर हमला कर दिया। उसने बच्चे की एक आंख निकाल ली और चेहरे का मांस नोच लिया।
जानकारी के मुताबिक, लखनपुरी के पास ग्राम तारसगांव निवासी रोहन पोया (7) पुत्र सालिक राम पोया क्लास चौथी में महावीर पारा तारसगांव में पढ़ता है। वह रोज की तरह तैयार होकर सुबह करीब 8.30 बजे स्कूल जाने के लिए निकल रहा था। इससे पहले वह किसी काम से बाड़ी की ओर गया तो वहां मादा भालू ने उस पर हमला कर दिया। उसने बच्चे की एक आंख निकाल ली और चेहरे का मांस नोच लिया।
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बच्चे को रेफर किया गया, हालत गंभीर
बच्चे की चीख सुनकर परिजन और अन्य लोग बाड़ी की ओर दौड़े तो मादा भालू अपने शावकों के साथ भाग निकली। इसके बाद बच्चे को 108 एंबुलेंस से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने वन विभाग को भी दी है। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची है। फिलहाल भालुओं से लोगों को सावधान किया जा रहा है।
बच्चे की चीख सुनकर परिजन और अन्य लोग बाड़ी की ओर दौड़े तो मादा भालू अपने शावकों के साथ भाग निकली। इसके बाद बच्चे को 108 एंबुलेंस से स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसकी हालत गंभीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। हादसे की सूचना स्थानीय लोगों ने वन विभाग को भी दी है। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची है। फिलहाल भालुओं से लोगों को सावधान किया जा रहा है।
एक दिन पहले करंट से युवक व भालू की हुई थी मौत
इससे पहले ग्राम कुम्हानखार में खेत की फेसिंग में करंट लगाने से 25 सितंबर की रात एक युवक मूलचंद की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए थे और उन्होंने खेत मालिक को फेसिंग से करंट हटाने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं माना। अगले दिन फिर मंगलवार रात एक भालू उसकी चपेट में आकर मर गया। इसके बाद ग्रामीण पुलिस के पास पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
इससे पहले ग्राम कुम्हानखार में खेत की फेसिंग में करंट लगाने से 25 सितंबर की रात एक युवक मूलचंद की मौत हो गई थी। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए थे और उन्होंने खेत मालिक को फेसिंग से करंट हटाने के लिए कहा था, लेकिन वह नहीं माना। अगले दिन फिर मंगलवार रात एक भालू उसकी चपेट में आकर मर गया। इसके बाद ग्रामीण पुलिस के पास पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई है।
एक महीने पहले शहर में घूमने निकली थी भालू फैमिली
करीब एक माह पहले भी शहर में भालू की फैमिली निकली थी। घनी आबादी क्षेत्र मांझापारा में क्षेत्र में तीन भालुओं ने डेरा डाल रखा था। ये खुलेआम शाम को बाजार के पास सड़क पर घूमते रहे। फिर भालू देर रात स्कूल में भी घुस गए। वहीं ये गलियों में भी दौड़ लगाते रहे। रिहायशी इलाके में भालू के घुस जाने से वन विभाग और पुलिस हाई अलर्ट पर रही और सारी रात निगरानी करते रहे। सुबह भालू पहाड़ी पर लौट गए।
करीब एक माह पहले भी शहर में भालू की फैमिली निकली थी। घनी आबादी क्षेत्र मांझापारा में क्षेत्र में तीन भालुओं ने डेरा डाल रखा था। ये खुलेआम शाम को बाजार के पास सड़क पर घूमते रहे। फिर भालू देर रात स्कूल में भी घुस गए। वहीं ये गलियों में भी दौड़ लगाते रहे। रिहायशी इलाके में भालू के घुस जाने से वन विभाग और पुलिस हाई अलर्ट पर रही और सारी रात निगरानी करते रहे। सुबह भालू पहाड़ी पर लौट गए।