फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Water crisis for 25 thousand people Kanhar river life giver of the border area is dry

25 हजार लोगों पर जल संकट: सरहदी क्षेत्र की जीवनदायनी कन्हर नदी सूखी, जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही

Wed, 17 Apr 2024 05:04 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, बलरामपुर रामानुजगंज Published by: Digvijay Singh Updated Wed, 17 Apr 2024 05:04 PM IST
सार

बलरामपुर रामानुजगंज में जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही से आखिरकार क्षेत्र की जीवनदायनी मानी जाने वाली कन्हर नदी सूख गई। नदी के सूखने से नगर की करीब 25 हजार की आबादी के सामने गंभीर जल संकट उत्पन्न होने लगा है।

विज्ञापन
Water crisis for 25 thousand people Kanhar river life giver of the border area is dry
जीवनदायनी कन्हर नदी सूखी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बलरामपुर रामानुजगंज में जल संसाधन विभाग की बड़ी लापरवाही से आखिरकार क्षेत्र की जीवनदायनी मानी जाने वाली कन्हर नदी सूख गई। नदी के सूखने से नगर की करीब 25 हजार की आबादी के सामने गंभीर जल संकट उत्पन्न होने लगा है। नगर पंचायत की जल प्रदाय व्यवस्था पूर्णता कन्हर नदी पर आश्रित है ऐसे में नगर पंचायत के द्वारा फोकलेन से बड़ा डबरी नदी में बनाया गया है परंतु यह भी ज्यादा दिन तक कारगर साबित नहीं होगा।

विज्ञापन


गौरतलब की 15 जून तक मानसूनी बारिश शुरू होगा जिसके बाद ही नदी में पानी आ पाएगा ऐसे में करीब 2 माह पूरे नगर वासियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा यदि समय रहते जल संसाधन विभाग के द्वारा एनीकट के गेटों को सुधार दिया जाता तो इतना जल्दी पानी नहीं सूखता। जल संसाधन विभाग की लापरवाही का खामियाजा नगर की 25000 की आबादी को उठाना पड़ेगा जल संसाधन विभाग के द्वारा एनीकट के निर्माण में 9 करोड रुपए से अधिक राशि एवं मरम्मत में भी काफी राशि खर्च कर दी गई हैम परंतु एनीकट कभी भी नगरवासियों के उपयोग में नहीं आ पाया है। यह वरदान के जगह हमेशा अभीश्राप ही साबित हुआ है विभाग के अधिकारी यदि चाहते तो इसे उपयोग अनुकूल बना सकते थे। परंतु विभाग के अधिकारियों का कभी भी ध्यान इस ओर नहीं गया जिस कारण एनीकट कभी भी उपयोगी साबित नहीं हो पाया।

विज्ञापन


चार दिन मछली मारने वालों की लगी होड़

बीते चार दिनों से एनीकट का गेट खराब होने के कारण पानी निकलना शुरू हुआ तो एनीकट में मछली मारने वालों की भीड़ सुबह से लेकर पूरी रात तक ड्टी रही स्थिति यह रही की चार दिनों से 24 घंटे लोग नदी में मछली मारते देखे गए।

विज्ञापन
विज्ञापन


रेत निकालना है जरूरी

एनीकट का जहां गेट खराब है वहीं एनीकट करीब 6 फीट से लेकर 10 फीट तक रेत भर गया है जिस कारण एनीकट का स्टोरेज भी काफी कम हो गया है ऐसे में दो माह का समय जल संसाधन विभाग एवं खनिज विभाग के पास है दोनों विभाग समन्वय स्थापित करके चाहे  रेत निकालकर इसे उपयोगी बना सकते हैं।


 

नगर पंचायत अध्यक्ष रमन अग्रवाल ने कहा कि कन्हर नदी का सुख जाना हम सबके लिए काफी चिंता का विषय है कन्हर की स्थिति को देखते हुए इंटक वेल के समीप डबरी का निर्माण कराया गया है। प्रयास है कि किसी भी स्थिति में नगर में नियमित जलप्रदाय व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होते रहे। श्री अग्रवाल ने कहा कि जल संसाधन विभाग के पास समय है वह चाहे तो एनीकट के गेट को सुधार सकता है वही ड्रीम स्ट्रीम का फर्श जो अधूरा है उसे भी पूरा कर सकता है।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed