{"_id":"628450d54240e326f708fe08","slug":"wanted-naxal-couple-surrenders-before-security-forces-in-dantewada","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chhattisgarh: दंतेवाड़ा में नक्सली दंपति ने सुरक्षा बलों के सामने किया आत्मसमर्पण, कई हमलों में थे शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chhattisgarh: दंतेवाड़ा में नक्सली दंपति ने सुरक्षा बलों के सामने किया आत्मसमर्पण, कई हमलों में थे शामिल
Wed, 18 May 2022 07:20 AM IST
योगेश साहू
पीटीआई, दंतेवाड़ा।
पीटीआई, दंतेवाड़ा।
Published by: योगेश साहू
Updated Wed, 18 May 2022 07:20 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में कई घातक हमलों में शामिल और सात लाख रुपये के इनामी एक नक्सली दंपती ने मंगलवार को सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि खोखली माओवादी विचारधारा से निराश और वरिष्ठों द्वारा निचले स्तर के कार्यकर्ताओं के शोषण का हवाला देते हुए हुर्रा कुंजाम और उनकी पत्नी बुधरी माडवी ने आत्मसमर्पण किया।
विज्ञापन
इसके लिए वह वरिष्ठ पुलिस और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने पेश हुए। कुंजाम माओवादियों की मलंगीर क्षेत्र समिति के तहत प्लाटून नंबर 24 के सेक्शन कमांडर थे और उनकी पत्नी उसी दस्ते की सदस्य थीं, उन्होंने कहा कि उनके ऊपर क्रमशः 5 लाख रुपये और 2 लाख रुपये का इनाम था।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि दंपती 2017 में घात लगाकर किए गए बुर्कापाल (सुकमा जिला) माओवादी हमले में शामिल था, जिसमें 25 सुरक्षाकर्मी मारे गए थे। इसके अलावा 2016 में मेलवाड़ा (दंतेवाड़ा) बारूदी सुरंग हमले में भी शामिल रहा था, जिसमें सीआरपीएफ के सात जवान शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इसी के साथ जिला पुलिस द्वारा शुरू किए गए 'लोन वरातू' समर्पण एवं पुनर्वास अभियान के तहत अब तक 130 सहित कम से कम 539 नक्सली जिले में हिंसा का रास्ता छोड़ चुके हैं।
'लोन वरातू' (स्थानीय गोंडी बोली में गढ़ा गया शब्द) इस पहल के तहत, दंतेवाड़ा पुलिस ने कम से कम 1,600 नक्सलियों के पैतृक गांवों में पोस्टर और बैनर लगाए हैं, जिनमें से ज्यादातर के सिर पर नकद इनाम है, और उनसे वापस मुख्य धारा में लौटने की अपील की गई है।