विधायक जी कहिन: 'छत्तीसगढ़ में साढ़े चार साल से लूट मची है', रमन बोले- 2023 का चुनाव कांग्रेस बनाम जनता होगा
छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर अमर उजाला की खास पेशकश 'विधायक जी कहिन' कार्यक्रम में हम छत्तीसगढ़ के नामी-गिरामी राजनीतिक हस्तियों से सीधी बातचीत पेश करते हैं।
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छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2023 को लेकर अमर उजाला की खास पेशकश 'विधायक जी कहिन' कार्यक्रम में हम छत्तीसगढ़ के नामी-गिरामी राजनीतिक हस्तियों से सीधी बातचीत पेश करते हैं। अपने पाठकों को प्रदेश के चुनावी हालात और सियासत से रू-ब-रू कराते हैं। सियासी समीकरणों और उठापटक से अवगत कराते हैं। इस कड़ी में आज हम बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के साक्षात्कार को उन्हीं की जुबानी आपके सामने पेश कर रहे हैं।
सवाल: 2023 में बीजेपी किन मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी?
जवाब: वर्ष 2023 बड़ा साफ है। भारतीय जनता पार्टी बनाम कांग्रेस न होकर पूरा चुनाव 2023 का कांग्रेस बनाम जनता होगा। जनता के मन में जो छत्तीसगढ़ में साढ़े चार साल में लूट मची है। उसका लोगों में आक्रोश है। कोयले पर 25 रुपए की अवैध वसूली बच्चे-बच्चे की जुबान पर है। अब तो ED ने भी प्रमाणित कर दिया है कि हजारों-करोड़ों की वसूली छत्तीसगढ़ में हो रही है। रेत माफिया का जाल बिछा हुआ है। नदियां बेची जा रही हैं। शराब माफिया घर-घर पहुंचकर शराब बेच रहे हैं। चावल जैसे मामले में लोगों का निवाला छीन लिया गया है। इसमें भी 500-600 करोड़ का घोटाला होता है, तो इससे समझ में आता है कि छत्तीसगढ़ सरकार कैसे जनता को लूट रही है।
सवाल: बेरोजगारी भत्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी और पुरानी पेंशन योजना से बीजेपी कैसे पार पाएगी?
जवाब: ये चुनावी से सिगूफा है। चुनाव में 3 महीने बचे हैं। आचार संहिता लगने में कुछ महीने ही बाकी हैं। ऐसे में बेरोजगारों को भ्रम में डाल रहे हैं। कभी 27 लाख बेरोजगारों की संख्या थी फिर इन्होंने 10 लाख लोगों को बेरोजगारी भत्ता देने की बात कही। अब वह संख्या 40 हजार में सिमटकर रह गई है, तो जिस प्रकार से लोगों के साथ छल किया गया है। बेरोजगारी भत्ता के लिए युवकों को साढ़े चार साल तक परेशान किया गया है। अभी भी गिने-चुने युवकों को ही दी जा रही है। यह अपने आप में हास्यप्रद है। जहां तक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बात है, तो उन्हें काफी प्रताड़ित किया गया। उसके बाद उन्हें संतुष्ट करने के लिए थोड़ी सी राशि बढ़ा दी गई। आज उनके मन में शासन के प्रति पीड़ा है, तकलीफ है। पेंशन नीति तो सीधा-सीधा उनकी निगाह 2004 से 2022 के बीच में जो 14% राशि जमा की जाती है, पेंशन के मध्य में वो 17 हजार करोड़ पर उनकी निगाह है। वह पूरी तरीके से पेंशन नीति में अभी तक कंफ्यूजन बाकी है।
सवाल: कांग्रेस की बहुप्रतिक्षित योजना 'नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी' से निपटने बीजेपी की क्या तैयारी है?
जवाब: 'नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी' सरकार की सबसे फ्लॉफ योजना है। साढ़े चार साल निकल गया पर बजट में 1 रुपए का भी प्रावधान सरकार ने नहीं किया है। वो 10 हजार से ज्यादा गौठान बनने की बात करते हैं पर गौठान में न दीवार है, न पेयजल, न चारे, ना उनके लिए चिकित्सा की व्यवस्था है। मवेशी सड़कों पर घूम रहे हैं और एक्सीडेंट हो रहे हैं। गौठान से तो ज्यादा सुरक्षित नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे लगता है। जहां मवेशी बैठे रहते हैं। जहां तक सवाल है सिंचाई योजना बढ़ाने के लिए तो इन्होंने साढ़े चार साल में एक प्रतिशत भी छोटी से बड़ी कोई भी सिंचाई योजना आगे नहीं बढ़ाई। सिंचाई का बजट का क्रियान्वयन ही नहीं हुआ। सिंचाई का प्रतिशत ही नहीं जब बढ़ा तो किसानों को कौन सा लाभ हुआ। जहां तक गोबर की बात है, कुछ लोग हैं जो गोबर बेचने का काम करते हैं। आम किसान गोबर नहीं बेच रहा है और पूरी तरीके से इन योजनाओं में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ है। गौठान सबसे भ्रष्ट योजना है।
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सवाल: छत्तीसगढ़ चुनाव में धान और किसान अहम मुद्दे रहे हैं, भूपेश सरकार ने पहले कर्जमाफी फिर बोनस और अब प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदी का ऐलान किया है, इससे बीजेपी कैसे निपटेगी?
जवाब: सरकार धान खरीदी के लिए बड़े-बड़े पोस्टर लगाती है। कहते हैं कि 1 लाख 50 हजार करोड़ रुपये हमने धान खरीदी के लिए दिया है। उसमें 80% हिस्सा केंद्र सरकार का है। वो सिर्फ बोनस की राशि देकर वाहवाही लूटने का प्रयास कर रहे हैं। यह पूरी तरह से केंद्र सरकार की योजना है और इसका क्रियान्वयन राज्य सरकार को करना है। इसमें भी व्यापक तरीके से लूट मचा रखे हैं।
सवाल: कांग्रेस का कहना है कि छत्तीसगढ़ बीजेपी मुद्दाविहीन है, क्या कहते हैं?
जवाब: छत्तीसगढ़ में जितने मुद्दे हैं। कांग्रेस जन घोषणा पत्र को शायद पलटाकर देखी भी नहीं है। जन घोषणा पत्र में इन्होंने राहुल गांधी की उपस्थिति में सार्वजनिक रूप से एक हाथ में गीता और एक हाथ में गंगा जल लेकर कसम खाई थी कि हम सरकार बनते ही पूर्ण शराबबंदी कर देंगे। आज तक शराबबंदी नहीं हुई। घर-घर पहुंचाकर शराब बेची जा रही है। जनता इस बात का इंतजार कर रही है, जवाब देने के लिए। झूठा वादा इन्होंने किया है। इन्होंने सबसे बड़ा वादा किया था कि डॉक्टर रमन ने 2 साल का बोनस नहीं दिया है जैसे ही हमारी सरकार आएगी, 2 साल का बोनस देंगे। आज तक 2 साल का बोनस नहीं दिया गया। वृद्धा पेंशन, विकलांग पेंशन, निराश्रित पेंशन, जो दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी हैं, अस्थाई कर्मचारी हैं, संविदा कर्मचारी हैं, इनको नियमित करने की बात हुई थी। आज तक एक भी कर्मचारी की ना तो भर्ती हुई है और ना ही उन्हें नियमित किया गया है।
सवाल: सीएम भूपेश बघेल ने हाल ही में कहा था कि बस्तर ब्रांड हमने बनाया है, सड़कों की जाल हमने बिछाई है?
जवाब: इससे बड़ा झूठा कुछ हो ही नहीं सकता। भूपेश बघेल से मैं पूछना चाहता हूं, कौन सी सड़क बनाई है। यहां तक की सड़कों के गड्ढे भरने का काम इस सरकार ने नहीं किया है। छत्तीसगढ़ में सड़कों की जाल बिछाने का काम बीजेपी ने किया है। पूरे छत्तीसगढ़ में 60 हजार किलोमीटर सड़कों की जाल बिछाने का काम हमने किया है। भूपेश जी को ख्याल नहीं है कि कांग्रेस के कार्यकाल में नेशनल हाईवे मिट्टी का हुआ करता था। नेशनल हाईवे का काम भी हम लोगों ने किया। नए स्कूल भवन बनाने का काम किया। 36 हजार स्कूल खोलने का काम किया। बस्तर को नए जिले हमने दिया। वहां पर बेहतर स्कूल शिक्षा देने के लिए एजुकेशन हब का निर्माण किया। चिकित्सालय का निर्माण करवाया। बिजली पहुंचाई। बस्तर का पूरा इंफ्रास्ट्रक्चर हमने बदला। बस्तर में तीन-तीन पॉवर कनेक्टिविटी का काम यदि किया है, तो बीजेपी की सरकार ने किया है। 1 इंच भी काम भूपेश सरकार के आने के बाद नहीं हुआ है। एक भी निर्माण कार्य बता दें तो मैं मानूंगा कि वो सही कह रहे हैं।
सवाल: अभी भी विधानसभा क्षेत्र में कई काम पूरे हो चुके हैं, तो कई अधूरे हैं, इससे लोगों में नाराजगी है, कैसे समझाएंगे?
जवाब: यह काम ठहरा हुआ है, जिसे हम लोग 15 साल पूर्व छोड़कर गए थे। घर-घर बिजली पहुंचाने का काम किया था। केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन में हर घर तक पानी पहुंचाने की योजना है। वह भी भ्रष्टाचार में डूब गई है। इसका काम अभी तक पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन 2023 के आने के बाद भी 35% भी काम पूरा नहीं हुआ है। यह स्थिति भूपेश सरकार की है।
सवाल: वरिष्ठ आदिवासी नेता नंदकुमार साय के आने से कांग्रेस अपने आप को और भी ज्यादा मजबूत मान रही है, कैसे देखते हैं?
जवाब: नंदकुमार साय कितना प्रभावित करेंगे, वह तो समय ही बताएगा। मुझे जहां तक लगता है कि भारतीय जनता पार्टी, आदिवासी और छत्तीसगढ़ में नंदकुमार के आने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सवाल: क्या वजह रही कि बीजेपी पंचायत, नगर निगम और उपचुनाव में हार गई?
जवाब: सत्ता का जिस प्रकार से खुला दुरुपयोग किया गया। खैरागढ़ उप चुनाव हार रहे थे, तो उन्होंने जिला बनाने की घोषणा कर दी। आज तक हमने नहीं देखा कि कोई उप चुनाव में जीत हासिल करने के लिए जिला बनाने की घोषणा करता हो। जिला का निर्माण चुनाव में हारने के डर किया गया। यह चुनाव षडयंत्रपूर्वक जीता गया।
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सवाल: बीजेपी के 15 साल बनाम कांग्रेस के 5 साल कैसे देखते हैं?
जवाब: 5 साल बनाम 15 साल की कोई तुलना करेगा तो सब कुछ समझ में आ जाएगा। 5 हजार करोड़ का बजट हुआ करता था। छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार आने के बाद 5 हजार करोड़ से 1 लाख रोड तक ले जाने का काम किया। गरीबों को 1 रुपए किलो में चावल देने की व्यवस्था की। गरीब परिवारों तक राशन पहुंचाने की व्यवस्था की। दो मेडिकल कॉलेज से 11 मेडिकल कॉलेज बनाए। कई शैक्षणिक संस्थान हमने छत्तीसगढ़ में खोले।
सवाल: भूपेश सरकार का कहना कि हमने जो 5 साल में काम किए हैं, वो बीजेपी के 15 साल पर भारी पड़ रहे हैं?
जवाब: नरवा, गरवा, घुरवा, बाड़ी के के सिवाय उनके पास बताने के लिए कुछ नहीं बचा है। यह बताएं कि सिंचाई के प्रतिशत में कितनी बढ़ोतरी की? कितने हजार किलोमीटर तक सड़कें बनवाई? कितने स्कूल, कॉलेज बनवाए? 15 साल पहले बनी सड़कों में जो गड्ढे हो गए, उसे पाटने भी ये सरकार विफल रही है। नई सड़क बनाने का काम भूपेश सरकार में हुआ ही नहीं।