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Raipur: iRAD एप के माध्यम से सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्तियों को 1.50 लाख तक का मुफ्त इलाज, कराना होगा ये काम
Sat, 10 May 2025 04:05 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 10 May 2025 04:05 PM IST
सार
संजय शर्मा एआईजी ट्रैफिक, छत्तीसगढ़ पुलिस ने iRAD के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि iRAD ऐप के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात कार्यालय के प्रशिक्षण हाल में सड़क दुर्घटना प्रबंधन प्रणाली eDAR (Electronic Detailed Accident Report) और iRAD (Integrated Road Accident Database) पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिले के 20 विभिन्न थानों से 25 पुलिस अधिकारियों ने भाग लिया।
संजय शर्मा एआईजी ट्रैफिक, छत्तीसगढ़ पुलिस ने iRAD के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि iRAD ऐप के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। घायल को सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा। साथ ही गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को अब पांच हजार के बजाय 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि दुर्घटनाओं की सूचना तुरंत iRAD में दर्ज करें।
सारांश शिर्के, स्टेट मैनेजर, eDAR (छत्तीसगढ़) ने iRAD और eDAR दोनों प्लेटफॉर्म का तकनीकी प्रशिक्षण दिया। उन्होंने एप पर जाकर दुर्घटना की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया और इसके लाभों को विस्तारपूर्वक समझाया। अर्चना राजपूत, जिला प्रबंधक, eDAR ने iRAD की प्रस्तुति दी और बताया कि थाना-स्तर पर प्रविष्टियाँ किस प्रकार की जाती हैं। उन्होंने सभी थानों के कर्मचारियों की IRAD आईडी भी बनवाने की प्रक्रिया पूरी करवाई।
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अमित देवांगन, जॉइंट डायरेक्टर, NIC ने बताया कि भविष्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी सड़क दुर्घटनाओं की प्रविष्टियाँ केवल eDAR पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी, जिससे पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) को अब IRAD से जोड़ा जा चुका है, जिससे आंकड़ों का बेहतर समन्वय संभव होगा।
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संजय शर्मा एआईजी ट्रैफिक, छत्तीसगढ़ पुलिस ने iRAD के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि iRAD ऐप के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। घायल को सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध होगा। साथ ही गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को अब पांच हजार के बजाय 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया कि दुर्घटनाओं की सूचना तुरंत iRAD में दर्ज करें।
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सारांश शिर्के, स्टेट मैनेजर, eDAR (छत्तीसगढ़) ने iRAD और eDAR दोनों प्लेटफॉर्म का तकनीकी प्रशिक्षण दिया। उन्होंने एप पर जाकर दुर्घटना की जानकारी दर्ज करने की प्रक्रिया और इसके लाभों को विस्तारपूर्वक समझाया। अर्चना राजपूत, जिला प्रबंधक, eDAR ने iRAD की प्रस्तुति दी और बताया कि थाना-स्तर पर प्रविष्टियाँ किस प्रकार की जाती हैं। उन्होंने सभी थानों के कर्मचारियों की IRAD आईडी भी बनवाने की प्रक्रिया पूरी करवाई।
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अमित देवांगन, जॉइंट डायरेक्टर, NIC ने बताया कि भविष्य में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार सभी सड़क दुर्घटनाओं की प्रविष्टियाँ केवल eDAR पोर्टल के माध्यम से की जाएंगी, जिससे पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा मिल सकेगा। उन्होंने यह भी बताया कि CCTNS (Crime and Criminal Tracking Network and Systems) को अब IRAD से जोड़ा जा चुका है, जिससे आंकड़ों का बेहतर समन्वय संभव होगा।