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कमजोर होता 'लाल आतंक': सुकमा में एक महिला समेत तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, कई बड़ी घटनाओं में थे शामिल
Tue, 20 Aug 2024 08:58 PM IST
अनुज कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुकमा
Published by: अनुज कुमार
Updated Tue, 20 Aug 2024 08:58 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के सुकमा में एक बार फिर नक्सलियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। सुकमा के नक्सल ऑपरेशन कार्यालय में पहुंचकर सरेंडर किया।
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एक महिला समेत तीन नक्सलियों ने किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सुकमा में नक्सलियों के खिलाफ चलाए जा रहे हैं अभियान के तहत एक बार फिर से पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। जहां एक महिला नक्सली समेत तीन नक्सलियों ने सुकमा के नक्सल ऑपरेशन कार्यालय पहुंचकर सुकमा पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। आत्मसमर्पित नक्सली लंबे समय से नक्सली संगठन में सक्रिय रहकर कई घटनाओं में शामिल रह चुके हैं।
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मामले की पुष्टि करते हुए सुकमा एसपी किरण चौहान ने बताया कि जिले में सरकार की नक्सलवाद उन्मूलन नीति के तहत पुलिस के द्वारा लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एक महिला दुर्रो लक्खे, सोड़ी हड़मा, माड़वी सोमा ने बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया।
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महिला नक्सली दुर्रो लक्खे पिता मासा एवं माड़वी सोमा पिता माड़वी भीमा को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में डीआईजी ऑफिस रेंज फिल्ड टीम (आरएफटी ) कोंटा 50, 219 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा एवं नक्सली सोड़ी हिड़मा पिता सोड़ी मुका को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 208 वाहिनी कोबरा आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा।
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उपरोक्त सभी सदस्य प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गश्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाइक/बम लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध बेनर, नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने आदि घटनाओं में शामिल रहे है। सभी आत्मसमर्पित नक्सलियों को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत सहायता राशि व अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।