{"_id":"45b78bb3b1dfe42082af00722fcb71de","slug":"teacher-forces-boy-to-beg-in-class-for-not-bringing-pen","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेन लाना भूला तो टीचर ने मंगवाई भीख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेन लाना भूला तो टीचर ने मंगवाई भीख
इंटरनेट डेस्क
Updated Mon, 19 Aug 2013 01:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर शहर में एक हैरत में डालने वाली घटना सामने आई है।
विज्ञापन
यहां स्कूल में 8वीं कक्षा के एक बच्चे के पास पेन न होने पर टीचर ने उससे
सजा के तौर पर क्लास में भीख मंगवाई।
13 साल के स्टूडेंट को नोट्स न बनाते देख टीचर ने उसे मिड डे मील का बर्तन दिया और कहा कि इसे लेकर जाओ और सारे बच्चों से भीख मांगो। बच्चे से यह भी कहा गया कि जो पैसे मिलें उससे एक पेन खरीदो।
इस घटना से सहमे हुए बच्चे ने परिवार वालों को यह बात बताई जिन्होंने तुरंत जिला शिक्षा विभाग में टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज की। शिकायत के बाद टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है।
देश में आज भी ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। यहां स्कूलों में टीचर्स को मानवाधिकार मानकों के बारे में कोई जानकारी भी नहीं होती है।
विज्ञापन
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह कि घटनाओं के बाद बच्चों पर गलत असर पड़ सकता है और उनमें आपराधिक सोच भी पनप सकती है।
ऐसे मामले में बच्चे से भीख मंगवाने के बजाए टीचर उसे या तो अपना पेन दे सकता था कि कुछ देर के लिए किसी दूसरे बच्चे का पेन दिलवाया जा सकता था।
13 साल के स्टूडेंट को नोट्स न बनाते देख टीचर ने उसे मिड डे मील का बर्तन दिया और कहा कि इसे लेकर जाओ और सारे बच्चों से भीख मांगो। बच्चे से यह भी कहा गया कि जो पैसे मिलें उससे एक पेन खरीदो।
इस घटना से सहमे हुए बच्चे ने परिवार वालों को यह बात बताई जिन्होंने तुरंत जिला शिक्षा विभाग में टीचर के खिलाफ शिकायत दर्ज की। शिकायत के बाद टीचर को सस्पेंड कर दिया गया है।
विज्ञापन
देश में आज भी ग्रामीण इलाकों में इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं। यहां स्कूलों में टीचर्स को मानवाधिकार मानकों के बारे में कोई जानकारी भी नहीं होती है।
विज्ञापन
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह कि घटनाओं के बाद बच्चों पर गलत असर पड़ सकता है और उनमें आपराधिक सोच भी पनप सकती है।
ऐसे मामले में बच्चे से भीख मंगवाने के बजाए टीचर उसे या तो अपना पेन दे सकता था कि कुछ देर के लिए किसी दूसरे बच्चे का पेन दिलवाया जा सकता था।