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Survey : छत्तीसगढ़ के कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पक्षियों की 200 प्रजातियों का चला पता, रिकॉर्ड की आवाज
Sat, 03 Dec 2022 03:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जगदलपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 03 Dec 2022 03:37 AM IST
सार
Survey : 25 से 27 नवंबर, 2022 तक चले सर्वेक्षण के लिए 11 राज्यों के 70 से अधिक पक्षी प्रेमी शामिल हुए। जैव विविधता के लिहाज से यह दुनिया की सबसे समृद्ध जगहों में शामिल है। यहां, कीट, पतेंगे, पक्षी, सरिसृप, मछलियों जैसे 200 से ज्यादा जीव इस पारिस्थितिकी तंत्र में रहते हैं।
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उल्लू...
- फोटो : amar ujala
विस्तार
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में जगदलपुर इलाके में स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पक्षी सर्वेक्षण 2022 में 200 से अधिक पक्षी प्रजातियों का पता चला। 25 से 27 नवंबर, 2022 तक चले सर्वेक्षण के लिए 11 राज्यों के 70 से अधिक पक्षी प्रेमी शामिल हुए।
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पार्क के विभिन्न हिस्सों, जैसे वुडलैंड, वेटलैंड, रिपेरियन फॉरेस्ट और स्क्रबलैंड में पक्षियों के सर्वेक्षण के लिए प्रतिभागियों को अलग-अलग समूहों में बांटा गया। इस दौरान देश के सबसे घने जंगल के 50 से अधिक ज्यादा पगडंडियों (ट्रेल्स) को कवर किया गया।सर्वेक्षण के दौरान स्पॉट-बेलिड ईगल सहित उल्लुओं की नौ प्रजातियों का पता चला। इसके अलावा 10 प्रकार के शिकारी पक्षी, 11 तरह के कठफोड़वा का पता चला।
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जैव विविधता के लिहाज से दुनिया के सबसे समृद्ध जगहों में
जैव विविधता के लिहाज से यह दुनिया की सबसे समृद्ध जगहों में शामिल है। यहां, कीट, पतेंगे, पक्षी, सरिसृप, मछलियों जैसे 200 से ज्यादा जीव इस पारिस्थितिकी तंत्र में रहते हैं।
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आवाज भी की रिकॉर्ड
- पक्षियों की गणना के दौरान विरले दिखने वाले पक्षियों के फोटोग्राफ व कॉल (आवाज) को भी रिकॉर्ड किया गया। सर्वेक्षण से पता चला कि कांगेर घाटी में हिमालय के उत्तर-पूर्व, पूर्वी और पश्चिमी घाटों में पाई जाने वाली प्रजातियों भी मौजूद थीं।
- कांगेर घाटी के संचालक धम्मशील गणवीर ने बताया कि यहां तितलियों की 63 प्रजातियां दर्ज हुई हैं।