फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Strict court verdict Shravan Behera sentenced to one year in jail and a fine of Rs 35000 in jaspur

न्यायालय का कड़ा फैसला: 100 लीटर अवैध ताड़ी रखने वाले श्रवण बेहरा को एक वर्ष की की जेल और 35,000 का जुर्माना

Sat, 25 Oct 2025 06:05 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर Published by: Digvijay Singh Updated Sat, 25 Oct 2025 06:05 PM IST
सार

कुनकुरी न्यायालय ने अवैध शराब कारोबार पर सख्त रुख दिखाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। ग्राम कुचमुंडा निवासी श्रवण बेहरा पिता चैतन (43 वर्ष) को 100 लीटर अवैध ताड़ी रखने के मामले में एक वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹35,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

विज्ञापन
Strict court verdict Shravan Behera sentenced to one year in jail and a fine of Rs 35000 in jaspur
न्यायालय का कड़ा फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कुनकुरी न्यायालय ने अवैध शराब कारोबार पर सख्त रुख दिखाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। ग्राम कुचमुंडा निवासी श्रवण बेहरा पिता चैतन (43 वर्ष) को 100 लीटर अवैध ताड़ी रखने के मामले में एक वर्ष का कठोर कारावास तथा ₹35,000 के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय कुनकुरी से आया है। अदालत ने इस मामले में स्पष्ट कहा है कि अवैध शराब रखने और बेचने वाले किसी भी व्यक्ति के प्रति अब कोई नरमी नहीं दिखाई जाएगी।

विज्ञापन


यह है मामला
1 अप्रैल 2025 को थाना तुमला पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम कुचमुंडा निवासी श्रवण बेहरा अपने घर में भारी मात्रा में अवैध ताड़ी रखकर बिक्री की तैयारी कर रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रधान आरक्षक फ्रांसिस बेक, आरक्षक शिवकुमार महतो, महिला आरक्षक सरोजनी खलखो तथा दो स्वतंत्र गवाहों के साथ पुलिस दल मौके पर पहुंचा। छापेमारी के दौरान श्रवण बेहरा के घर से तीन प्लास्टिक जरीकेन में 100 लीटर ताड़ी, गिलास, मग, बाल्टी और ₹250 नगद बरामद किए गए। आरोपी ताड़ी रखने का कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
विज्ञापन


पुलिस ने जब्त ताड़ी का नमूना आबकारी विभाग को भेजा, जहां परीक्षण में यह पुष्टि हुई कि तरल पदार्थ,ताड़ी नामक मादक द्रव्य है। अभियोजन पक्ष के ए.डी.पी.ओ. संजय विश्वकर्मा ने न्यायालय में यह तर्क दिया कि आरोपी ने भारी मात्रा में ताड़ी रखकर उसे बेचने की मंशा प्रदर्शित की है। बचाव पक्ष के अधिवक्ता सतीश शर्मा ने यह दलील दी कि पुलिस ने झूठा मामला बनाकर आरोपी को फंसाया है और स्वतंत्र गवाहों ने भी बरामदगी का समर्थन नहीं किया। किंतु न्यायालय ने कहा —“स्वतंत्र गवाहों के पक्षद्रोही हो जाने से मात्र पुलिस अधिकारियों के कथन को अस्वीकार नहीं किया जा सकता, जब तक उनके कथनों का खंडन न हुआ हो।”
विज्ञापन
विज्ञापन


न्यायालय का निर्णय
सभी साक्ष्यों एवं बयानों पर विचार करते हुए अदालत ने आरोपी को छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(घ) एवं 34(2) के अंतर्गत दोषी पाया। न्यायालय ने निम्न दंडादेश पारित किया।


अर्थदंड की राशि शासन को जमा की जाएगी
अपने निर्णय में न्यायिक मजिस्ट्रेट  तेंदुलकर ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों का उत्पादन, परिवहन और विक्रय समाज के नैतिक ताने-बाने को कमजोर करता है। ऐसे अपराधों पर कठोर दंड ही सामाजिक चेतना और कानून के प्रति सम्मान को बनाए रख सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed