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स्टेट GST विभाग की कार्रवाई: छत्तीसगढ़ के 11 व्यापारियों के ठिकानों में पड़ा छापा, पकड़ी गई करोड़ों की टैक्स चोरी
Sat, 24 Feb 2024 04:33 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 24 Feb 2024 04:33 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के स्टेट जीएसटी विभाग ने पिछले तीन दिनों में बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के अनेक स्थानों पर औद्योगिक प्रतिष्ठानों में छापा मारा है। इस दौरान करोड़ों रुपयों के टैक्स की चोरी पकड़ी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के स्टेट जीएसटी विभाग ने पिछले तीन दिनों में बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेश के अनेक स्थानों पर औद्योगिक प्रतिष्ठानों में छापा मारा है। इस दौरान करोड़ों रुपयों के टैक्स की चोरी पकड़ी है। जीएसटी विभाग ने रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, जांजगीर और मनेन्द्रगढ़ के 11 व्यापारियों के ठिकानों में छापा मारकर कार्रवाई की है।
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स्टेट जीएसटी विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर, दुर्ग, रायगढ़, जांजगीर और मनेन्द्रगढ़ के 11 व्यापारियों ठिकानों पर छापा मारा गया है। जिसमें आरएआईएस (RAIS) पेट्रोलियम रायपुर, एएस माइनिंग मनेन्द्रगढ़, स्काइ अलोय एंड पावर लिमिटेड रायगढ़, केंडिड सिक्योरिटी रायपुर, पिलानिया स्टील दुर्ग, पिलानिया इंडस्ट्रीज दुर्ग, रेफेक्स इंडस्ट्रीज जांजगीर, अग्रवाल स्टील एंड पाइप रायपुर, श्याम स्टील इंडस्ट्रीज रायपुर, ईश्वर इस्पात रायपुर और ईश्वर टीएमटी के यहां छापा मार कर लगभग 7 करोड़ 60 लाख रुपये का टैक्स मौके पर ही पकड़कर उसे सरेंडर करवाया।
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जीएसटी विभाग कर चोरी रोकने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें उनके एडवांस आईटी टूल्स का उपयोग किया जा रहा है। उनके ईवे बिल जांच की कार्रवाई भी नियमित रूप से की जा रही है, जिसके लिए विभिन्न टीमें गठित की गई है। केवल फरवरी माह में ही अब तक टीमों ने रायपुर संभाग में 33, बिलासपुर संभाग मे 34 और दुर्ग संभाग में 9 गाड़ियों को ई वे बिल मे अनियमितता पाये जाने पर जब्त किया है। इनमें से 28 गाड़ियों से लगभग 57 लाख रुपये की पेनाल्टी भी वसूल की जा चुकी है। शेष गाड़ियों पर कार्रवाई अभी जारी है। बोगस फर्मे बनाकर उनके नाम से माल परिवाहित करने वालों पर विभाग की विशेष नजर है।
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आरएआईएस (RAIS) पेट्रोलियम रायपुर के ठेकेदारों का बिटुमिन सप्लाई करने और ट्रांसपोर्ट का भी व्यवसाय है। वे आईटीसी का बोगस क्लेम अपने रिटर्न मे किया गया था। इन्होंने लगभग ढाई करोड़ रुपये कम टैक्स जमा करना स्वीकार करते हुए 1 करोड़ रुपये मौके पर ही सरेंडर किया है। रायपुर के ही केंडिड सिक्योरिटी सर्विसेस ने भी अपने रिटर्न मे टैक्स जमा नहीं किया था। छापा मारे जाने पर इनके जाने पर लगभग 3.5 करोड़ रुपये का टैक्स नहीं जमा किया जाना स्वीकार करते हुए 1 करोड़ रुपये मौके पर ही जमा किया गया।
एएस माइनिंग की ओर से परिवार के अन्य सदस्यों के नाम पर फर्म बनाकर सर्क्युलर ट्रेडिंग करते हुए टैक्स की देनदारी छिपाई जा रही थी। इनके मनेन्द्रगढ़ और रायपुर स्थित कार्यालयों मे अधिकारियों ने छापा मारा और इन्होंने मौके पर ही 30 लाख रुपये जमा किए। अग्रवाल स्टील एंड पाइप रायपुर पर भी अधिकारियों की ओर से छापा मार कर 30 लाख रुपये जमा कराया गया। स्काइ अलोय एंड पावर लिमिटेड रायगढ़ में जांच पर स्टॉक में अंतर, टर्नओवर छिपाने और गलत आई टीसी लेना पाया गया। व्यवसायी ने 60 लाख रुपये टैक्स तुरंत जमा कराया गया। अधिकारियों ने बताया कि अभी आगे दस्तावेजों की जांच से टैक्स की राशि और बढ़ेगी। दुर्ग के पिलानिया इंडस्ट्रीज और पिलानिया स्टील्स पर भी छापेमारी की गई यहां भी टर्नओवर कम दिखाकर कम टैक्स जमा किए जाने की बात सामने आई है।
श्याम स्टील इंडस्ट्रीज़, ईश्वर इस्पात और ईश्वर टीएमटी की ओर से कच्चे मे स्क्रैप की खरीदी कर सरिया बनाया जा रहा था और जीएसटी की चोरी की जा रही थी। श्याम स्टील इंडस्ट्रीज ने 5 करोड़ रुपये का जीएसटी कम जमा करना स्वीकार करते हुये 3 करोड़ रुपये टैक्स मौके पर ही जमा किया गया इसी तरह ईश्वर इस्पात और ईश्वर टीएमटी ने भी 46 लाख रुपये और 1.25 करोड़ रुपये का टैक्स तत्काल जमा किया।
जांजगीर के अधिकारियों की टीम ने रेफेक्स इंडस्ट्रीज के ऑफिस मे भी जांच की है। यह फर्म पावर प्लांट से कोल एश की हैंडिलिंग के साथ-साथ कोयले की ट्रेडिंग से भी जुड़ी हुई है। कंपनी का मुख्यालय चेन्नई में है यहां केवल कर्मचारी काम देखते हैं। इसमे भी बड़ी कर चोरी पकड़े जाने की संभावना है।