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Railway News: दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने रचा रिकॉर्ड, 125 किमी नई लाइन सहित कई प्रोजेक्ट पूरे
Sun, 05 Apr 2026 03:48 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sun, 05 Apr 2026 03:48 PM IST
सार
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेल अधोसंरचना के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में रेल अधोसंरचना के क्षेत्र में उपलब्धियां हासिल करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। लगातार चल रहे विकास कार्यों के चलते न केवल रेल नेटवर्क मजबूत हुआ है, बल्कि यात्री सुविधाओं और परिचालन क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है।
रेलवे के अनुसार, बीते 10 वर्षों में 1475 किलोमीटर लंबी 15 प्रमुख रेल परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में 125 किलोमीटर नई रेल लाइन का लोकार्पण और कमीशनिंग किया गया है, जिसमें कई अहम रेल खंड शामिल हैं।
इनमें बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन के तहत कोतरलिया–जामगा, भूपदेवपुर–किरोड़ीमल नगर, किरोड़ीमल नगर–रायगढ़, रायगढ़–कोतरलिया, सारागांव–बाराद्वार और बाराद्वार–सक्ती जैसे खंडों का विकास किया गया है। इसके अलावा राजनांदगांव–नागपुर तीसरी लाइन और गेवरा रोड–पेंड्रा रोड नई लाइन के कुछ हिस्सों में भी कार्य पूर्ण हुआ है। केंद्री–धमतरी और अभनपुर–राजिम सेक्शन में आमान परिवर्तन का कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है। इन परियोजनाओं के दौरान कई प्रमुख स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य भी किए गए।
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रेलवे ने सुरक्षा और यातायात सुगमता को ध्यान में रखते हुए 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण भी किया है, जिससे सड़क और रेल दोनों यातायात में सुधार हुआ है। इसके अलावा 2790 किलोमीटर लंबाई की 41 बड़ी परियोजनाएं फिलहाल विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइन, दोहरीकरण और तीसरी-चौथी लाइन के विस्तार जैसे काम शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों की गति, समयबद्धता और सेवाओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
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रेलवे के अनुसार, बीते 10 वर्षों में 1475 किलोमीटर लंबी 15 प्रमुख रेल परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूरी की गई हैं। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में 125 किलोमीटर नई रेल लाइन का लोकार्पण और कमीशनिंग किया गया है, जिसमें कई अहम रेल खंड शामिल हैं।
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इनमें बिलासपुर–झारसुगुड़ा चौथी लाइन के तहत कोतरलिया–जामगा, भूपदेवपुर–किरोड़ीमल नगर, किरोड़ीमल नगर–रायगढ़, रायगढ़–कोतरलिया, सारागांव–बाराद्वार और बाराद्वार–सक्ती जैसे खंडों का विकास किया गया है। इसके अलावा राजनांदगांव–नागपुर तीसरी लाइन और गेवरा रोड–पेंड्रा रोड नई लाइन के कुछ हिस्सों में भी कार्य पूर्ण हुआ है। केंद्री–धमतरी और अभनपुर–राजिम सेक्शन में आमान परिवर्तन का कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा किया गया, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिली है। इन परियोजनाओं के दौरान कई प्रमुख स्टेशनों पर नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य भी किए गए।
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रेलवे ने सुरक्षा और यातायात सुगमता को ध्यान में रखते हुए 18 रोड ओवर ब्रिज और 27 रोड अंडर ब्रिज का निर्माण भी किया है, जिससे सड़क और रेल दोनों यातायात में सुधार हुआ है। इसके अलावा 2790 किलोमीटर लंबाई की 41 बड़ी परियोजनाएं फिलहाल विभिन्न चरणों में प्रगति पर हैं। इनमें नई रेल लाइन, दोहरीकरण और तीसरी-चौथी लाइन के विस्तार जैसे काम शामिल हैं।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से ट्रेनों की गति, समयबद्धता और सेवाओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। साथ ही क्षेत्र के औद्योगिक और सामाजिक विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।