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Kyrgyzstan Violence: 'मुख्यमंत्री जी..हमें यहां से निकाल लीजिए', छत्तीसगढ़ की शिरीन ने वीडियो भेजकर मांगी मदद

Thu, 23 May 2024 01:07 PM IST
श्याम जी. अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही
अमर उजाला नेटवर्क, गौरेला पेंड्रा मरवाही Published by: श्याम जी. Updated Thu, 23 May 2024 01:07 PM IST
सार

किर्गिस्तान में हुई हिंसा में भारत के कई बच्चे फंसे हुए हैं। वहीं, छत्तीसगढ़ राज्य के गौरेला पेंड्रा मरवाही की शिरीन भी किर्गीस्तान में फंसी हुई हैं। उन्होंने परिजनों को वीडियो भेजकर मदद की गुहार लगाई है। इसके बाद परिजनों ने 24 मई की टिकट करवा दी, लेकिन शिरीन अपने हॉस्टल से एयरपोर्ट नहीं पहुंच पा रही हैं।
 

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Shireen from Chhattisgarh trapped in Kyrgyzstan violence sent a video and asked for help
शिरीन और उनके परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में छात्रों के बीच में हुए संघर्ष में भारतीय बच्चे फंस गए हैं। ये भारतीय बच्चे वहां चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने गए हुए हैं, लेकिन संघर्ष के बाद अब वे अपने देश भारत लौटना चाहते हैं। वहां की स्थिति अच्छी नहीं होने के चलते वे सभी एक स्थान पर हैं, वहां की सरकार से उन्हें कोई भी मदद नहीं मिल पा रही है। जबकि भारतीय दूतावास से उन बच्चों की खबर लेने के लिए कोई सार्थक पहल नहीं हो रही है। ऐसे में गौरेला पेंड्रा मरवाही की एक बच्ची आयशा शिरीन रॉय जो किर्गिस्तान में फंसी हुई है अपने आप को असुरक्षित मानते हुए अपने पालक से मदद की गुहार की है।

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आयशा शिरीन रॉय की मां बिलासपुर सिम्स मेडिकल कॉलेज में पदस्थ हैं और शिरीन की देखरेख उसके मामा-मामी जो गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के सेनेटोरियम में रहते है वे करते हैं। शिरीन की इच्छा डॉक्टर बनने की थी तो उन्होंने उसे किर्गिस्तान भेज दिया। शिरीन वहां एम.बी.बी.एस. तीसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही हैं। अचानक पिछले सप्ताह हुऐ विवाद के बाद वहां का माहौल बदला और स्थिति बिगड़ गई। वहां पर पाकिस्तान सरकार ने तो अपने बच्चों को विशेष विमान से वापस बुला लिया, लेकिन भारतीय मूल के छात्र और पाकिस्तानी मूल के छात्र एक ही चेहरे होने के कारण किर्गिस्तान में संघर्ष की स्थिति है। कभी भी कोई अप्रिय घटना हो सकती है। 
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वहीं, आयशा शिरीन जैसी कई बच्चियों वहां एक बंकर में कैद हैं, जिन्हें रहने, खाने, लाइट जलाने तक की दिक्कत हो रही है। ऐसे में उनके परिवार वाले चिंतित हैं। आयशा शिरीन ने अपने परिवार वालों को एक वीडियो भी भेजा है, जिसमें मदद की गुहार की है। आयशा के मामा-मामी एवं परिजन ने  जिला प्रशासन से भी जाकर मुलाकात की है और मदद की अपील की है। बच्ची के परिजनों का कहना है कि कल तक शिरीन से व्हाट्सएप्प कॉलिंग पर बात हो रही थी, परंतु आज उससे कोई भी बात नहीं हो पा रही है। जिससे वह और भी डरे हुए हैं। परिजनों ने बच्ची की कल 24 तारीख की टिकट करवा दी है, लेकिन वे हॉस्टल से एयरपोर्ट नहीं पहुंच पा रही हैं।

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