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सतनामी समाज के युवाओं ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन: 18 दिसंबर को सभी रेलवे स्टेशनों में पंथी गीत प्रसारण की मांग
Thu, 11 Dec 2025 06:31 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 11 Dec 2025 06:31 PM IST
सार
गुरु घासीदास बाबा जी की जयंती (18 दिसंबर) के उपलक्ष्य में पंथी गीतों के प्रसारण की माँग को लेकर युवा सतनामी समाज, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंगलवार को रायपुर डीआरएम कार्यालय पहुँचे और रेल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
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सतनामी समाज के युवाओं ने डीआरएम को सौंपा ज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गुरु घासीदास बाबा जी की जयंती (18 दिसंबर) के उपलक्ष्य में पंथी गीतों के प्रसारण की माँग को लेकर युवा सतनामी समाज, छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि मंगलवार को रायपुर डीआरएम कार्यालय पहुँचे और रेल प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में युवाओं ने उल्लेख किया कि बाबा गुरु घासीदास जी का 'मानव–मानव एक समान' का मूलमंत्र छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में 1 दिसंबर से गुरु पर्व की परंपरागत शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में 18 दिसंबर की जयंती पर रेलवे स्टेशन परिसरों से पंथी गीतों का प्रसारण सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सौहार्द का मजबूत संदेश देगा।
प्रतिनिधि पुनेश्वर लहरे ने बताया कि बाबा घासीदास जी की शिक्षाएं सदाचार, समानता, अहिंसा और व्यसनमुक्ति हर वर्ग को प्रेरित करती हैं। ऐसे में रायपुर जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पंथी गीतों का प्रसारण यात्रियों और आम नागरिकों दोनों को सकारात्मक संदेश देगा और ‘मानव-मानव एक समान’ की सीख को व्यापक स्तर पर पहुंचाएगा।
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युवा सतनामी समाज ने रेल प्रशासन से अनुरोध किया कि 18 दिसंबर को स्टेशन परिसर में पंथी गीतों के प्रसारण को स्वीकृति दी जाए, क्योंकि गुरु घासीदास केवल सतनामी समाज ही नहीं, बल्कि सर्व समाज के सम्मान और गौरव के प्रतीक हैं। डीआरएम कार्यालय की ओर से प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया है और समाज से पंथी गीतों की पेन ड्राइव उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्रसारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में पुनेश्वर लहरे, अजीत कोशले, अंकित बंजारे, सूर्यप्रताप बंजारे, रितिक बंजारे, रितिक बघेल, हिमांशु टांडी, सुभाष बंजारे और तिरुपति राव सहित अन्य युवा उपस्थित रहे।
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ज्ञापन में युवाओं ने उल्लेख किया कि बाबा गुरु घासीदास जी का 'मानव–मानव एक समान' का मूलमंत्र छत्तीसगढ़ की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का केंद्र है। उन्होंने कहा कि प्रदेश भर में 1 दिसंबर से गुरु पर्व की परंपरागत शुरुआत हो चुकी है, ऐसे में 18 दिसंबर की जयंती पर रेलवे स्टेशन परिसरों से पंथी गीतों का प्रसारण सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सौहार्द का मजबूत संदेश देगा।
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प्रतिनिधि पुनेश्वर लहरे ने बताया कि बाबा घासीदास जी की शिक्षाएं सदाचार, समानता, अहिंसा और व्यसनमुक्ति हर वर्ग को प्रेरित करती हैं। ऐसे में रायपुर जैसे प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर पंथी गीतों का प्रसारण यात्रियों और आम नागरिकों दोनों को सकारात्मक संदेश देगा और ‘मानव-मानव एक समान’ की सीख को व्यापक स्तर पर पहुंचाएगा।
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युवा सतनामी समाज ने रेल प्रशासन से अनुरोध किया कि 18 दिसंबर को स्टेशन परिसर में पंथी गीतों के प्रसारण को स्वीकृति दी जाए, क्योंकि गुरु घासीदास केवल सतनामी समाज ही नहीं, बल्कि सर्व समाज के सम्मान और गौरव के प्रतीक हैं। डीआरएम कार्यालय की ओर से प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया गया है और समाज से पंथी गीतों की पेन ड्राइव उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है, ताकि प्रसारण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सके।
ज्ञापन सौंपने वालों में पुनेश्वर लहरे, अजीत कोशले, अंकित बंजारे, सूर्यप्रताप बंजारे, रितिक बंजारे, रितिक बघेल, हिमांशु टांडी, सुभाष बंजारे और तिरुपति राव सहित अन्य युवा उपस्थित रहे।