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Chhattisgarh News: गरियाबंद में 100 ग्राम पंचायत सचिवों का वेतन रोका, योजनाओं में सुस्ती पर कार्रवाई
Thu, 12 Feb 2026 08:44 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 12 Feb 2026 08:44 PM IST
सार
मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने जनपद पंचायत मैनपुर के 57 और जनपद पंचायत देवभोग के 43 ग्राम पंचायत सचिवों का जनवरी माह का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं। कुल 100 सचिवों पर यह कार्रवाई की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर जिला पंचायत ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर ने जनपद पंचायत मैनपुर के 57 और जनपद पंचायत देवभोग के 43 ग्राम पंचायत सचिवों का जनवरी माह का वेतन रोकने के आदेश जारी किए हैं। कुल 100 सचिवों पर यह कार्रवाई की गई है।
जानकारी के अनुसार जिले की ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थ पोर्टल, ग्राम संपदा, 15वें वित्त आयोग तथा अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही थी। निरीक्षण और समीक्षा बैठकों के दौरान सचिवों को निर्माण एवं विकास कार्यों में तेजी लाने और समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित पंचायतों में योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। बार-बार चेतावनी और निर्देश के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं होने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगे भी कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार जिले की ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवास योजना, समर्थ पोर्टल, ग्राम संपदा, 15वें वित्त आयोग तथा अन्य विकास कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही थी। निरीक्षण और समीक्षा बैठकों के दौरान सचिवों को निर्माण एवं विकास कार्यों में तेजी लाने और समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद संबंधित पंचायतों में योजनाओं की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई। बार-बार चेतावनी और निर्देश के बाद भी अपेक्षित सुधार नहीं होने पर वेतन रोकने की कार्रवाई की गई।
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मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रशासन ने संकेत दिया है कि आगे भी कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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