सीएम को घुमाते थे नक्सल अभियान के हेलीकॉप्टर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान में लगे हेलीकॉप्टर के दो पायलटों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्यवाही नागरिक विमानन महानिदेशालय ने की है। आरोप है कि एक निजी कंपनी के एक इंजन वाले बेल-407 चॉपर हेलीकॉप्टर का छत्तीसगढ़ सरकार ने दुरुपयोग किया है।
वेबसाइट सीजीखबर डॉट कॉम के अनुसार इस हेलीकॉप्टर को नक्सल विरोधी अभियान के लिये सुरक्षा बलों के जवानों को लाने ले जाने के लिये किराये पर लिया गया है। आरोप है कि हेलीकॉप्टर के पायलटों ने इसमें कथित रूप से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह को सवारी कराई थी।
उल्लेखनीय है कि नागरिक विमानन महानिदेशालय के नियमों के अनुसार वीवीआईपी तथा मुख्यमंत्री सुरक्षा की दृष्टि से दो इंजन वाले हेलीकॉप्टर में ही सवारी कर सकते हैं जबकि यह चॉपर एक इंजन वाला है। हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार ने हेलीकॉप्टर के दुरुपयोग के आरोप से इंकार किया है।
सुरक्षाबलों को लाने ले जाने में लगे थे हेलीकॉप्टर
राज्य सरकार के निदेशक (विमानन) रजत कुमार का कहना है कि ''मुख्यमंत्री ने कभी भी एक इंजन वाले हेलीकॉप्टर में सवारी नहीं की है, मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ सरकार के हेलीकॉप्टर में ही आते-जाते हैं।”
नागरिक विमानन महानिदेशालय ने पाया है कि कई बार पायलटों ने चिकित्सकों के जाली हस्ताक्षर करके हेलीकॉप्टर की उड़ान भरी है।
डीसीजीए के अनुसार जांच में पता चला कि इस हेलीकॉप्टर ने 17 एवं 18 फरवरी, 2015 को नागपुर-औरंगाबाद-जुहू के मार्ग पर उड़ान भरी। डीसीजीए ने कहा, ''हमें डॉक्टरों ने बताया है कि उन्होंने फॉर्म पर हस्ताक्षर नहीं किये थे तथा एक मामले में तो केवल डॉक्टर की सील लगी हुई मिली जिसमें हस्ताक्षर नहीं किये गये थे।”