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Raipur: सेंट्रल जेल में महिला बंदी के आत्महत्या प्रयास से हड़कंप, प्रताड़ना के आरोपों पर जांच शुरू
Sat, 25 Apr 2026 01:16 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 25 Apr 2026 01:16 PM IST
सार
राजधानी की सेंट्रल जेल में महिला बंदी द्वारा आत्महत्या की कोशिश की खबर सामने आने के बाद जेल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला कैदी आशिमा राव के हाथ की नस काटने की घटना ने जेल सुरक्षा और अंदरूनी व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी की सेंट्रल जेल में महिला बंदी द्वारा आत्महत्या की कोशिश की खबर सामने आने के बाद जेल प्रशासन पर सवाल खड़े हो गए हैं। महिला कैदी आशिमा राव के हाथ की नस काटने की घटना ने जेल सुरक्षा और अंदरूनी व्यवस्थाओं को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
मिली जानकारी के मुताबिक, महिला प्रकोष्ठ में बंद कैदी ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के बीच आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद जेल प्रशासन ने उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया, जहां प्राथमिक इलाज के दौरान उसके हाथ में टांके लगाए गए।
घटना कुछ दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन मामला सामने आने के बाद परिजनों में नाराजगी बढ़ गई है। परिवार ने जेल के भीतर प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि तलाशी और चेकिंग के दौरान महिला बंदी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गई। परिवार ने दावा किया है कि बंदी ने चिट्ठी के जरिए जेल के भीतर हो रही प्रताड़ना की जानकारी भी दी थी। इसी के बाद परिजन जेल पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
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इधर जेल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि बंदी सुरक्षित है और स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों के मुताबिक नियमों के तहत कार्रवाई की गई थी और घटना को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित महिला पिछले करीब छह महीने से एक आपराधिक मामले में जेल में बंद है। अब इस पूरे प्रकरण में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आत्महत्या प्रयास के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।
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मिली जानकारी के मुताबिक, महिला प्रकोष्ठ में बंद कैदी ने कथित तौर पर मानसिक तनाव के बीच आत्मघाती कदम उठाया। घटना के बाद जेल प्रशासन ने उसे तत्काल उपचार उपलब्ध कराया, जहां प्राथमिक इलाज के दौरान उसके हाथ में टांके लगाए गए।
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घटना कुछ दिन पुरानी बताई जा रही है, लेकिन मामला सामने आने के बाद परिजनों में नाराजगी बढ़ गई है। परिवार ने जेल के भीतर प्रताड़ना और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि तलाशी और चेकिंग के दौरान महिला बंदी के साथ अपमानजनक व्यवहार किया गया, जिससे वह मानसिक दबाव में आ गई। परिवार ने दावा किया है कि बंदी ने चिट्ठी के जरिए जेल के भीतर हो रही प्रताड़ना की जानकारी भी दी थी। इसी के बाद परिजन जेल पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
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इधर जेल प्रशासन ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि बंदी सुरक्षित है और स्थिति नियंत्रण में है। अधिकारियों के मुताबिक नियमों के तहत कार्रवाई की गई थी और घटना को लेकर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित महिला पिछले करीब छह महीने से एक आपराधिक मामले में जेल में बंद है। अब इस पूरे प्रकरण में जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि आत्महत्या प्रयास के पीछे वास्तविक वजह क्या थी।