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Chhattisgarh: भीषण गर्मी को देखते हुए आंगनबाड़ियों के समय में बदलाव, 30 जून तक सुबह 7 से 11 बजे तक संचालन
Sat, 25 Apr 2026 12:42 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Sat, 25 Apr 2026 12:42 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। 30 जून 2026 तक प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया गया है।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में लगातार बढ़ रही गर्मी और लू के खतरे को देखते हुए राज्य सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर 30 जून 2026 तक प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन समय में बदलाव किया गया है। अब केंद्र सुबह 7 बजे से 11 बजे तक संचालित होंगे, जबकि बच्चों की उपस्थिति केवल सुबह 7 बजे से 9 बजे तक सीमित रहेगी।
सरकार का कहना है कि बढ़ते तापमान और लू के प्रभाव से छोटे बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान आंगनबाड़ियों में प्रारंभिक शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। पूरक पोषण आहार वितरण भी नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई और पोषण प्रभावित न हो।
निर्देश के अनुसार बच्चों के लौटने के बाद भी केंद्र 11 बजे तक खुले रहेंगे, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने नियमित कार्यों का निष्पादन करेंगी। गृहभेंट के जरिए पोषण परामर्श और माताओं को जागरूक करने का अभियान भी जारी रहेगा।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के दौरान बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी जिलों के अधिकारियों को व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और नियमित समीक्षा के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और निर्देशों के पालन में किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 1 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र फिर से अपने सामान्य समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे।
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सरकार का कहना है कि बढ़ते तापमान और लू के प्रभाव से छोटे बच्चों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान आंगनबाड़ियों में प्रारंभिक शिक्षा और पोषण संबंधी गतिविधियां निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेंगी। पूरक पोषण आहार वितरण भी नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई और पोषण प्रभावित न हो।
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निर्देश के अनुसार बच्चों के लौटने के बाद भी केंद्र 11 बजे तक खुले रहेंगे, जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपने नियमित कार्यों का निष्पादन करेंगी। गृहभेंट के जरिए पोषण परामर्श और माताओं को जागरूक करने का अभियान भी जारी रहेगा।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि गर्मी के दौरान बच्चों को सुरक्षित घर पहुंचाने में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सभी जिलों के अधिकारियों को व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी और नियमित समीक्षा के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और निर्देशों के पालन में किसी तरह की ढिलाई नहीं होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रीष्मकाल समाप्त होने के बाद 1 जुलाई 2026 से आंगनबाड़ी केंद्र फिर से अपने सामान्य समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक संचालित किए जाएंगे।