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प्रवासी मजदूरों के लिए सस्ती रसोई गैस योजना: छत्तीसगढ़ सरकार देगी 5 किलो एलपीजी सिलेंडर
Fri, 10 Apr 2026 12:13 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 10 Apr 2026 12:13 PM IST
सार
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है।
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सांकेतिक तस्वीर (एआई)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रवासी और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को राहत देने के लिए एक अहम पहल शुरू की है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश जारी कर 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है। इस कदम का मकसद ऐसे मजदूरों तक सस्ती और आसानी से मिलने वाली रसोई गैस पहुंचाना है, जो अस्थायी रूप से अलग-अलग स्थानों पर काम करते हैं।
नई व्यवस्था के तहत पात्र श्रमिकों को नजदीकी एलपीजी वितरण केंद्रों से गैस कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड (सहमति के साथ) और श्रम विभाग का पंजीयन प्रमाण पत्र जरूरी होगा। दस्तावेज सत्यापन के बाद लाभार्थियों को छोटा सिलेंडर और कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें तुरंत उपयोग की सुविधा मिल सके।
छोटा सिलेंडर, बड़ी राहत
5 किलो का एलपीजी सिलेंडर खासतौर पर उन मजदूरों के लिए उपयोगी है, जो किराये के कमरों या अस्थायी ठिकानों पर रहते हैं। यह सिलेंडर हल्का होने के कारण आसानी से ले जाया जा सकता है और इसकी कीमत भी कम होती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर बोझ कम पड़ता है।
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प्रशासन की कड़ी निगरानी
सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। एलपीजी वितरकों को रोजाना स्टॉक, वितरण और शेष सिलेंडरों का रिकॉर्ड रखना होगा। जिला प्रशासन समय-समय पर निरीक्षण करेगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
अनियमितता पर होगी कार्रवाई
निर्देशों में साफ कहा गया है कि यदि कहीं भी सिलेंडरों का दुरुपयोग या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी या व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
स्वास्थ्य और पर्यावरण को फायदा
इस पहल से मजदूरों को लकड़ी, कोयला या अन्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वच्छ ईंधन के उपयोग से न केवल उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी।
हजारों श्रमिकों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से प्रदेश के हजारों प्रवासी मजदूर सीधे लाभान्वित होंगे। यह पहल उनके जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ व सुविधाजनक जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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नई व्यवस्था के तहत पात्र श्रमिकों को नजदीकी एलपीजी वितरण केंद्रों से गैस कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड (सहमति के साथ) और श्रम विभाग का पंजीयन प्रमाण पत्र जरूरी होगा। दस्तावेज सत्यापन के बाद लाभार्थियों को छोटा सिलेंडर और कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उन्हें तुरंत उपयोग की सुविधा मिल सके।
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छोटा सिलेंडर, बड़ी राहत
5 किलो का एलपीजी सिलेंडर खासतौर पर उन मजदूरों के लिए उपयोगी है, जो किराये के कमरों या अस्थायी ठिकानों पर रहते हैं। यह सिलेंडर हल्का होने के कारण आसानी से ले जाया जा सकता है और इसकी कीमत भी कम होती है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग पर बोझ कम पड़ता है।
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प्रशासन की कड़ी निगरानी
सरकार ने इस योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। एलपीजी वितरकों को रोजाना स्टॉक, वितरण और शेष सिलेंडरों का रिकॉर्ड रखना होगा। जिला प्रशासन समय-समय पर निरीक्षण करेगा, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
अनियमितता पर होगी कार्रवाई
निर्देशों में साफ कहा गया है कि यदि कहीं भी सिलेंडरों का दुरुपयोग या गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी या व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि योजना का लाभ केवल पात्र लोगों तक ही पहुंचे।
स्वास्थ्य और पर्यावरण को फायदा
इस पहल से मजदूरों को लकड़ी, कोयला या अन्य पारंपरिक ईंधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्वच्छ ईंधन के उपयोग से न केवल उनका स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी।
हजारों श्रमिकों को मिलेगा लाभ
राज्य सरकार का मानना है कि इस योजना से प्रदेश के हजारों प्रवासी मजदूर सीधे लाभान्वित होंगे। यह पहल उनके जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें सुरक्षित, स्वच्छ व सुविधाजनक जीवन देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।