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रायपुर: पुलिस विभाग में 1.18 करोड़ का गबन, आरक्षक गिरफ्तार, मां के खाते में पांच साल तक ट्रांसफर करता रहा रकम
Fri, 06 Nov 2026 09:53 AM IST
प्रिया वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: प्रिया वर्मा
Updated Fri, 06 Nov 2026 09:53 AM IST
सार
रायपुर में पुलिस विभाग की चौथी वाहिनी में 1.18 करोड़ रुपये के वेतन घोटाले का खुलासा हुआ है। वेतन शाखा में पदस्थ रहे आरक्षक पर पांच साल तक सरकारी रकम अपनी मां के खाते में ट्रांसफर करने का आरोप है।
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माना थाना
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में पुलिस विभाग की चौथी वाहिनी में पदस्थ एक आरक्षक ने 1 करोड़ 18 लाख रुपये का गबन कर दिया। माना थाना पुलिस ने आरोपी आरक्षक कमलेश कुमार साहू को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने विभागीय वेतन शाखा में तैनात रहने के दौरान इस बड़ी रकम को अपनी मां के बैंक खाते में स्थानांतरित किया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर वित्तीय अनियमितता की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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पांच वर्षों तक चला गबन का खेल
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह वित्तीय गड़बड़ी 1 नवंबर 2012 से 1 अप्रैल 2017 के बीच हुई। आरक्षक कमलेश कुमार साहू इस दौरान चौथी वाहिनी की वेतन शाखा में पदस्थ था। उसने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए पांच साल की अवधि में थोड़ा-थोड़ा करके कुल 1 करोड़ 18 लाख रुपये की सरकारी राशि अपनी मां के बैंक खाते में जमा कराई। आरोपी ने एक साथ पूरी रकम भेजने के बजाय अलग-अलग समय पर किस्तों में पैसे ट्रांसफर किए, जिससे लंबे समय तक किसी को इस हेरफेर का संदेह नहीं हुआ।
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फर्जीवाड़े का खुलासा और केस दर्ज
विभाग के भीतर गबन का मामला सामने आने के बाद उच्च अधिकारियों को इसकी शिकायत सौंपी गई। शिकायत के आधार पर माना थाना पुलिस ने तुरंत केस दर्ज किया और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी आरक्षक को गिरफ्तार कर लिया। जगदलपुर के बाद अब राजधानी रायपुर में पुलिस विभाग से जुड़ा इतना बड़ा वेतन घोटाला सामने आने से महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी से गहन पूछताछ कर गबन की गई पूरी राशि के संबंध में आवश्यक जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच के दायरे में अन्य कर्मचारी
माना थाना पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि वेतन शाखा की आधिकारिक प्रक्रिया का उपयोग करके इतनी बड़ी रकम किस प्रकार स्थानांतरित की गई। जांच अधिकारी यह पता लगा रहे हैं कि इस वित्तीय गड़बड़ी को अंजाम देने के लिए किन-किन दस्तावेज और बैंकिंग प्रक्रियाओं का सहारा लिया गया। इसके साथ ही पुलिस वेतन शाखा में कार्यरत अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस प्रकरण में अन्य कर्मियों की संलिप्तता की संभावना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। मामले की पूरी जांच के बाद आगे की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।