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Exclusive: इस फैक्ट्री से 10 हजार में बन रहे 'बिशप; CNI के खुलासे से मचा हड़कंप,छत्तीसगढ़ डॉयोसिस का बड़ा बयान

Thu, 20 Aug 2026 03:40 PM IST
Lalit Kumar Singh अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: Lalit Kumar Singh Updated Thu, 20 Aug 2026 03:40 PM IST
सार

CNI; Chhattisgarh Diocese: चर्च ऑफ नार्थ इंडिया यानी सीएनआई के लेटर के बाद छत्तीसगढ़ के इसाई समाज में हड़कंप मचा हुआ है। एक ही प्रदेश में तीन बिशप को लेकर छत्तीसगढ़ डायोसिस ने बड़ा खुलासा किया है। इसके बाद से क्रिश्चियन समाज में जमकर बवाल मचा हुआ है।

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Raipur news: two Fake Bishop in CG, Chhattisgarh Diocese Exposes
ग्रॉफिक्स: अमर उजाला डिजिटल - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

CNI; Chhattisgarh Diocese: चर्च ऑफ नार्थ इंडिया यानी सीएनआई के लेटर के बाद छत्तीसगढ़ के इसाई समाज में हड़कंप मचा हुआ है। एक ही प्रदेश में तीन बिशप को लेकर छत्तीसगढ़ डायोसिस ने बड़ा खुलासा किया है। इसके बाद से क्रिश्चियन समाज में जमकर बवाल मचा हुआ है। चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई) के महासचिव रेव. डॉ. डीजे अजित कुमार के आधिकारिक पत्र ने इसाई समाज में नई बहस छेड़ दी है।
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जानें क्या लिखा है सीएनआई के खत में
सीएनआई के महासचिव की ओर से जारी लेटर में लिखा है कि अतुल आर्थर और अजय मार्टिन को चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत न तो बिशप चुना गया है और न ही उन्हें नियुक्त किया गया है। फिर ये दोनों अपने आप को कैसे छत्तीसगढ़ का बिशप बताने में लगे हैं। सीएनआई सिनॉड ने अपने पत्र में आगे कहा है कि यदि किसी व्यक्ति ने चर्च की आधिकारिक व्यवस्था और संविधान से बाहर किसी अन्य धार्मिक संस्था से अभिषेक या ऑर्डिनेशन लिया है तो उसे सीएनआई से मान्यता प्राप्त बिशप नहीं कह सकते। इस मामले में सिनॉड ने छत्तीसगढ़ डायोसिस को निर्देश दिया है कि इस मामले में प्रदेश के पादरियों और मंडलियों को वास्तविक स्थिति से तुरंत बतायें ताकि इसाई समाज में किसी तरह का भ्रम न फैले कि प्रदेश में तीन बिशप हैं। 
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छत्तीसगढ़ डायोसिस में मचा बवाल
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर छत्तीसगढ़ डायोसिस में बवाल मचा हुआ है। गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में संवैधानिक प्रक्रिया के तहत निर्वाचित छत्तीसगढ़ डायोसिस की बिशप सुषमा कुमार ने बड़ा खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि चर्च की आधिकारिक स्वीकृति के बिना अतुल ऑर्थर और अजय मार्टिन खुद को छत्तीसगढ़ डायोसिस का बिशप बता रहे हैं जबकि वो दोनों पूरी तरह से फर्जी बिशप हैं। इस तरह का कृत्य कर वो इसाई समुदाय को गुमराह कर रहे हैं। इस मामले में बैठक लेकर उन दोनों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी।








नासिक की फैक्ट्री से निकले हैं फर्जी बिशप
छत्तीसगढ़ डायोसिस के सचिव नितिन लॉरेंस ने भी इस विषय पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि हमने इस मामले में सीनेड  सीएनआई को खत लिखा था, जिस पर जवाब आया है। महाराष्ट्र के नासिक में बिशप बनाने की एक फैक्ट्री है, जहां से फर्जी बिशप बनाए जाते हैं। अतुल आर्थर और अजय मार्टिन इसी फैक्ट्री से निकले हुए फर्जी बिशप है। वह न्यूज के माध्यम से छत्तीसगढ़ की जनता को गुमराह कर रहे हैं। जबकि सत्यता यह है कि सुषमा कुमार छत्तीसगढ़ डायसिस की निर्वाचित बिशप हैं। संवैधानिक प्रक्रिया के तहत उन्हें चुना गया है। इस खेल के असली सरगना छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल हैं। उनके जरिये ही अतुल आर्थर और अजय मार्टिन फर्जी बिशप बनकर घूम रहे हैं। 









मामले की चल रही जांच
इस विवाद को लेकर सबसे बड़ा आरोप यह है कि कथिततौर पर दस हजार रुपये देकर 'बिशप' बनाए जाने का खेल चल रहा है। फिलहाल इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उपलब्ध दस्तावेजों और बयानों के आधार पर चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया ने अपने पत्र में ऐसी किसी भी राशि का जिक्र नहीं किया है और न ही किसी सक्षम जांच एजेंसी ने अब तक इस संबंध में कोई आधिकारिक पु्ष्टि की है। इसलिए दस हजार रुपये में बिशप बनाए जाने की मामले की पुलिस थाने में शिकायत की गई है। मामले की जांच चल रही है।

 
अब आगे क्या?
मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि चर्च की संवैधानिक प्रक्रिया से बाहर आकर धार्मिक पदों का दावा किया जा रहा है तो क्या संबंधित लोगों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी? क्या चर्च प्रशासन इस पूरे मामले की जांच कराएगा? क्या कथित फर्जी नियुक्तियों से जुड़े इस मामले की जांच होगी। 









जेल की हवा खा रहे पन्नालाल
दूसरी ओर इस मामले के सरगना छत्तीसगढ़ क्रिश्चियन फोरम के अध्यक्ष अरुण पन्नालाल फिलहाल जेल की हवा खा रहे हैं। आरोप है कि उनके जरिये ही अतुल आर्थर और अजय मार्टिन को फर्जी बिशप बने घूम रहे हैं। फिलहाल, उनकी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। कई संगठनों ने धर्मांतरण को लेकर शिकायत की है। भगवान शिव पर किये गये अभद्र टिप्पणी को लेकर वो जेल में हैं। उनकी 14 दिनों की जमानत याचिका को कोर्ट ने खारिज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।


बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी ने की थी शिकायत
बीजेपी प्रदेश प्रवक्ता अमित चिमनानी की शिकायत पर रायपुर के सिविल लाइन थाने में अरुण पन्नालाल और हंसराज गोयल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पुलिस ने अरुण पन्नालाल को गिरफ्तार कर सीजीएम आनंद सिंह की अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 21 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।



फैक्ट फाइल
  • छत्तीसगढ़ में ‘बिशप’ नियुक्ति पर बवाल
  • CNI सिनॉड का बड़ा खुलासा
  • 10 हजार रुपये में बिशप बनाये जाने का मामला
  • चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया के महासचिव डीजे. अजित कुमार ने लिखा खत
  • अतुल आर्थर और अजय मार्टिन फर्जी बिशप
  • आरोपों की चल रही जांच, फिलहाल पुष्टि नहीं
  • 10 हजार रुपये में मिल रहा है धार्मिक पद?
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