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Raigarh: तालाब में डूबने से हाथी के बच्चे की हो गई थी मौत, लोगों ने आत्मा की शांति को दशकर्म कार्यक्रम किया
Wed, 03 Dec 2025 10:50 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 03 Dec 2025 10:50 PM IST
सार
रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गौरमुड़ी गांव में पिछले दिनों तालाब में डूबकर एक हाथी शावक की मौत हो गई थी।
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Raigharh News
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। हाथी के बच्चे की पानी में डूबकर मौत हो जाने के 10 दिन बाद गांव के ग्रामीणों ने आपस में चंदा इकट्ठा कर मृत हाथी के बच्चे की आत्मा की शांति के लिए विधि विधान से आज उसका दशकर्म का कार्यक्रम किया गया।
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मिली जानकारी के अनुसार, रायगढ़ जिले के तमनार वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गौरमुड़ी गांव में पिछले दिनों तालाब में डूबकर एक हाथी के बच्चे की मौत हो गई थी। जिसके बाद गांव के ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को घटना की जानकारी दी गई और मौके पर पहुंची वन विभाग ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकालते हुए पंचनामा तैयार कर शव को तालाब किनारे ही दफना दिया था।
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गांव के ग्रामीणों ने बताया कि हाथी के बच्चे की मौत के बाद उनके क्षेत्र में हाथियों का आतंक बढ़ गया। हाथियों ने तालाब के आसपास के अलावा किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। गांव के तालाब में ग्रामीणों ने निस्तारी करना बंद कर दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने सहमत होकर हाथी के बच्चे की आत्मा की शांति के लिए इंसान की भांति दशकर्म करने का निर्णय किया। इसी के तहत आज तालाब किनारे हिन्दू रीति से हाथी के बच्चे का दशकर्म का आयोजन किया गया जिसमें 200 से अधिक की संख्या में गांव के ग्रामीण शामिल होकर मृत्यु भोज भी ग्रहण किया।
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