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रायगढ़: आदिवासी परिवार के कातिल पहुंचे सलाखों के पीछे, जानें इतनी बड़ी वारदात को क्यों दिया अंजाम
Sat, 13 Sep 2025 04:05 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 13 Sep 2025 04:05 PM IST
सार
रायगढ़ में एक आदिवासी परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने वाले कातिल को आखिरकार रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। चरित्र शंका के कारण आरोपी ने नाबालिग के साथ मिलकर पूरे परिवार की हत्या की वारदात को अंजाम दिया है।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायगढ़ में एक आदिवासी परिवार के पति-पत्नी और दो बच्चों की हत्या करने वाले कातिल को आखिरकार रायगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार करके सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। चरित्र शंका के कारण आरोपी ने नाबालिग के साथ मिलकर पूरे परिवार की हत्या की वारदात को अंजाम दिया है। आरोपियों ने अपना गुनाह कबुल कर लिया है।
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11 सितंबर को ग्राम ठुसेकेला राजीव नगर में ग्रामीणों ने खरसिया पुलिस को सूचना दी थी कि बुधराम उरांव का घर अंदर से बंद है और भीतर खून के धब्बे दिख रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल, एडिशनल एसपी आकाश मरकाम, डीएसपी अनिल विश्वकर्मा, एसडीओपी प्रभात पटेल समेत खरसिया, छाल, कोतरारोड़, पूंजीपथरा, जोबी पुलिस, एफएसएल, डॉग स्क्वाड और बीडीएस की टीमें मौके पर पहुंचीं। जांच में बुधराम उरांव (42), उसकी पत्नी सहोद्रा (37) और दोनों बच्चों अरविंद (12) और शिवांगी (5) के शव बाड़ी में खाद के गड्ढे से बरामद हुए।
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जांच टीम को पड़ोसी पर हुआ संदेह
एक ही परिवार के चार लोगों की हत्या मामले में अलग-अलग थानों के प्रभारी और स्टाफ की विशेष टीमें बनाकर जांच की जा रही थी। इसी दौरान जांच टीम को पड़ोसी लकेश्वर पटैल पर संदेह हुआ। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ में आरोपी ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि राजमिस्त्री का काम करता है, उसका पडोसी बुधराम उराँव भी राजमिस्त्री का करता है जो अपने परिवार के साथ रहता था। दोनों के बीच पिछले कुछ समय से कई कारणों से विवाद हुआ था।
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चरित्र शंका पर की हत्या
आरोपी ने बताया कि वह पड़ोसी बुधराम के बाडी जमीन को खरीदना चाहता था जिसे कई बार बुधराम से मांगा, बुधराम ने जमीन बेचने से इंकार किया था, करीब 6 माह पूर्व लकेश्वर के लड़के ने बुधराम के घर में घुसकर चोरी किया था जिसे आपस मे सुलझा लिये थे। लकेश्वर पटैल उसके पडोसी बुधराम के चरित्र पर शंका करता था, इन सभी बातों को लेकर लकेश्वर पटेल बुधराम से रंजिश रखे हुआ था और बुधराम की हत्या की योजना बनाकर मौके की ताक में था। इसने घटना के पूर्व बुधराम और उसकी पत्नी की गैर मौजूदगी में उसके घर की रैकी की थी।
दूसरे कमरे में लाश दफनाने की कोशिश
09 सितंबर की रात उसने बुधराम को खूब नशे में देखा था, उसी रात प्लान के मुताबिक आरोपी लकेश्वर और नाबालिग, बुधराम के घर घुसे और सोये बुधराम और उसकी पत्नी, बच्चों की हथियार से हमले कर हत्या कर दिये फिर शवों को घर के दूसरे कमरे में जमीन खोद कर दफनाना चाहे पर जमीन सख्त होने से गढ्ढा नहीं कर पाये और फिर शवों को घसीटते हुए बाड़ी की ओर ले जाकर खाद में गढ्ढा कर दफन करने का प्रयास किये।
पूरी घटना का कराया गया री-क्रिएशन
पुलिस ने घटनास्थल ले जाकर आरोपियों से पूरी घटना का री-क्रिएशन कराया गया। आरोपियों के मेमोरेंडम पर टंगिया, रॉड, गैंती, फावड़ा, कपड़े आदि महत्वपूर्ण साक्ष्यों की जप्ती कर दोनों को हत्या के मामले में गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।