{"_id":"68ac292af8148db13b0fb5d1","slug":"farmers-of-dhik-village-blocked-road-in-front-of-pusaur-tehsil-office-2025-08-25","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"'साहब... ब्लैक में मिल रही खाद': रायगढ़ में किसानों का प्रदर्शन, तहसील कार्यालय के सामने किया चक्काजाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
'साहब... ब्लैक में मिल रही खाद': रायगढ़ में किसानों का प्रदर्शन, तहसील कार्यालय के सामने किया चक्काजाम
Mon, 25 Aug 2025 02:44 PM IST
अनुज कुमार
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, रायगढ़
Published by: अनुज कुमार
Updated Mon, 25 Aug 2025 02:44 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में किसान अपने मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आज सुबह किसानों ने चक्काजाम कर दिया। एक दर्जन से अधिक गांव के किसानों ने पुसौर तहसील कार्यालय के सामने चक्काजाम किया।
विज्ञापन
किसानों ने किया चक्काजाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रायगढ़ जिले में किसानों को खाद नहीं मिल पा रहा है। इस समस्या को लेकर सोमवार की सुबह पुसौर ब्लाक के एक दर्जन से अधिक गांव के किसानों ने पुसौर तहसील कार्यालय के सामने चक्काजाम कर दिया। तीन-चार दिनों में खाद की कमी को पूरा करने के लिखित आश्वासन के बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त किया।
विज्ञापन
मिली जानकारी के अनुसार, पुसौर ब्लाक के एक दर्जन से भी अधिक गांव के किसानों ने डीएपी और यूरिया खाद की कमी को लेकर सुबह 11 बजे से तहसील कार्यालय के सामने सड़क में उतरकर चक्काजाम शुरू कर दिया। जिससे इस मार्ग में चलने वाले वाहनों के पहिये पूरी तरह से थम गए थे।
विज्ञापन
किसानों का आरोप है कि सोसायटी से उन्हें खाद नहीं मिल पा रहा है। जबकि ब्लैक में हर गांव में खाद आसानी से उपलब्ध हो जा रहा है। खाद की कमी होने से उन्हें उनकी फसल नुकसान होने का डरा बना हुआ है। चक्काजाम कर रहे किसानों ने बताया कि इससे पहले उन्होंने पिछले दिनों पुसौर तहसीलदार को आवेदन देकर खाद की आपूर्ति की मांग की गई थी।
विज्ञापन
इस दौरान मांग पूरी नही होने पर चक्काजाम करने की चेतावनी भी दी गई थी। साथ ही रविवर को किसानों ने एक बैठक भी आयोजित की। जिसमें क्षेत्र के किसान बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। चक्काजाम की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने गुरुवार तक खाद मिलने का लिखित आश्वासन दिया। तब जाकर किसानों ने चक्काजाम आंदोलन समाप्त किया। उसके बाद ही इस मार्ग में वाहनों का परिचालन शुरू हो सका। किसानों ने यह भी कहा है कि अगर तीन-चार दिनों के भीतर उन्हें खाद नहीं मिल पाता है तो वे अलग-अलग जगह में फिर से चक्काजाम करने को बाध्य होंगे।