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Radhika Khera Quits Congress: राधिका खेड़ा ने कांग्रेस से दिया इस्तीफा; कहा- नहीं मिला न्याय, लड़ती रहूंगी

Sun, 05 May 2024 04:54 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Sun, 05 May 2024 04:54 PM IST
सार

Radhika Kheda controversy: कांग्रेस की नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर राधिका खेड़ा ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। 

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Radhika Khera Quits congress after alleging mistreatment to women in party said will keep fight for justice
कांग्रेस की नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर राधिका खेड़ा - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

Chhattisgarh Political News: तीसरे चरण के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस की नेशनल मीडिया कोऑर्डिनेटर राधिका खेड़ा ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लिखा कि आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे रही हूं। साथ ही अपने पद से इस्तीफा दे रही हूं। हां मैं लड़की हूं और लड़ सकती हूं और वही अब मैं वहीं कर रहीं हूं। अपने और देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूंगी।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर तीन पेज का इस्तीफा लिखा है। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को तीन पेज के लिखे इस्तीफा पत्र में कहा कि  आदिकाल से स्थापित सत्य है कि धर्म का साथ देने वालों का विरोध होता है। हिरण्यकशिपु से लेकर रावण और कंस तक इसका उदाहरण है। वर्तमान में प्रभु श्रीराम का नाम लेने वालों का कुछ लोग इसी तरह से विरोध कर रहे हैं। हर हिंदू के लिए प्रभु श्रीराम की जन्मस्थली पवित्रता के साथ बहुत मायने रखती है और रामलला के दर्शन मात्र से जहां हर हिंदू अपना जीवन सफल मानता है। वहीं कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं।
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मैंने जिस पार्टी को अपने 22 साल से ज्यादा दिए, जहां एनएसयूआई से लेकर आईसीसी के मीडिया विभाग में पूरी ईमानदारी से काम किया। आज वहां ऐसे तीव्र विरोध का सामना मुझे करना पड़ रहा है क्योंकि मैं अयोध्या में रामलला के दर्शन करने से खुद को रोक नहीं पाई। मेरे इस पुनीत कार्य का विरोध इस स्तर पर पहुंच गया कि मेरे साथ छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुए घटनाक्रम में मुझे न्याय देने से इनकार कर दिया गया। मैं हमेशा से दूसरों के न्याय के लिए इस हर मंच से लड़ाई लड़ी है, लेकिन अब स्वयं के न्याय की बात आई तो पार्टी में मैं स्वयं को हारा हुआ पाया। प्रभु श्रीराम की भक्ति और एक महिला होने के नाते मैं बेहद आहत हूं। हर बार पार्टी के समस्त सूचना नेताओं की अवगत कराने के बाद भी जब मुझे न्याय नहीं मिला। इससे आहत होकर मैंने आज ये कदम उठाया है। आज अत्यंत पीड़ा के साथ पार्टी के प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र दे रही हूं। इसके साथ ही अपने पद से इस्तीफा दे रही हूं। हां मैं लड़की हूं और लड़ सकती हूं और अब मैं वही कर रही हूं। अपने और देशवासियों के न्याय के लिए मैं निरंतर लड़ती रहूंगी।
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जय हिंद!

जानें, राधिका ने क्यों छोड़ी कांग्रेस, क्या था विवाद?
Chhattisgarh Political News: राधिका खेड़ा और प्रदेश कांग्रेस नेताओं के बीच एक मई को विवाद हुआ है। 30 अप्रैल को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जांजगीर-चांपा जिले में चुनावी सभा हुई थी। सभा के बाद मीडिया में बयान देने को लेकर विवाद हुआ था। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस कार्यालय राजीव भवन में राधिका खेड़ा प्रदेश के स्थानीय नेता और प्रवक्ताओं के साथ थीं। 



प्रदेश कांग्रेस संचार के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला और राधिका खेड़ा के बीच कुछ बातों को लेकर तीखी बहस हुई। इतना ही नहीं बात तू-तू, मैं-मैं तक आ गई। विवाद बढ़ने से राधिका खेड़ा राजीव भवन से रोते हुए बाहर निकल गईं और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्वीट कर अपनी व्यथा सुनाई। पार्टी से इस्तीफा देने तक की बात कह डाली। 

रोते-बिलखते वीडियो आया सामने  
इस मामले में राधिका खेड़ा ने पीसीसी चीफ दीपक बैज और राष्ट्रीय नेताओं से शिकायत की थी। वहीं स्थानीय नेताओं और प्रवक्ताओं ने भी इसकी शिकायत की थी। राधिका खेड़ा का रोते हुए एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें वो रोते हुए फोन पर बात करती दिख रही हैं। 

कौशल्या माता के मायके में बेटी सुरक्षित नहीं- राधिका खेड़ा 
30 अप्रैल को विवाद के बाद राधिका ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ट्वीट कर लिखा कि कौशल्या माता के मायके में बेटी सुरक्षित नहीं हैं। पुरुषवादी मानसिकता से ग्रसित लोग आज भी बेटियों को पैरों तले कुचलना चाह रहे हैं। वह "पुरुषवादी मानसिकता" से पीड़ित लोगों को बेनकाब करेंगी।



उन्होंने कहा था कि वह रामलला के ननिहाल में अपमानित महसूस कर रही हैं, उन्होंने पूर्व सीएम भूपेश बघेल पर भी कटाक्ष किया था। जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान सुशील आनंद शुक्ला को नियुक्त किया था। एक अन्य ट्वीट में लिखा कि ‘दुशील’ को लेकर ‘कका’ का मोह एक लड़की की इज़्ज़त से बढ़कर है लेकिन, लड़की हूँ, “लड़ रही हूँ” “मर्यादा पुरुषोत्तम” प्रभु श्री राम जी के ननिहाल में दीदी का स्वागत है। 




दूसरे ट्वीट में लिखा कि नारी तू अबला नहीं, स्वयं शक्ति पहचान। अपने हक को लड़ स्वयं, तब होगा उत्थान।। क्यों नारी लाचार है, लुटती क्यों है लाज। क्या पुरुषत्व विहीन ही, हुई धरा ये आज।



 

विवाद के बाद तीन मई को राधिका खेड़ा पहली बार कांग्रेस प्रदेश कार्यालय रायपुर पहुंचीं। राधिका खेड़ा ने कहा कि मैं सबसे बात करूंगी। अभी पार्टी स्तर पर जांच चल रही है। तब तक मैं कुछ भी नहीं कहूंगी। यह नैतिक तरीका नहीं है कि मैं अभी कुछ आपसे बात करूं। जो भी प्रक्रिया चल रही है, उसके बाद मैं खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सारी बात आप सबके सामने रखूंगी। सारी इंक्वारी चल रही है। अपने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि मैं भी खुद रायपुर में हूं। मैं कहीं नहीं गई हूं। मैं मीडिया में किसी सवाल से भागूंगी नहीं।

 


उन्होंने कहा कि मैं अभी भी छत्तीसगढ़ कांग्रेस मीडिया की प्रभारी हूं। जैसे भी आगे की प्रक्रिया होगी उस संबंध में हम बात करेंगे। मैंने पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज से विवाद मामले में बात करने आई थी। मेरी उनसे बात हो गई है। चुनाव का समय है। हम काम कर रहे हैं, जैसे ही आगे बात होगी। हम सब आप सबको बताऊंगी। मैं मीडिया में किसी सवाल से भागूंगी नहीं। पत्रकारों के अन्य सवालों के जवाब पर कहा कि अभी मुझे अस्पताल जाना है। मेरी तबीयत ठीक नहीं है। प्लीज मुझे जाने दीजिए आप सब जानते हैं।

कांग्रेस के मीडिया विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन खेड़ा ने मामले में पीसीसी से 24 घंटे में रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन रिपोर्ट भेजने की बजाय पीसीसी की तरफ से सुलह कराने की कोशिश की गई थी। शुक्रवार की देर शाम राधिका अपनी मां के साथ पहली बार कांग्रेस मुख्यालय पहुंची। कांग्रेस भवन के बाहर मीडिया ने जब उनसे सवाल किया तो उन्होंने कहा कि मेरे साथ अन्याय हुआ है। मैं मानसिक रुप से परेशान हूं। थोड़ा सा समय दीजिए मैं जरुर बात करुंगी। उन्होंने कहा कि मैं अभी स्थिति ऐसी नहीं है कि बात कर सकूं। दूसरी ओर राधिका खेड़ा के निकलने के बाद मामले के दो गवाहों और सुशील आनंद शुक्ला को अध्यक्ष के कमरे में बुलाया गया था, लेकिन मामला नहीं सुलझ पाया।


कांग्रेसियों से बच लीजिये राधिका जी- केदार गुप्ता 
इस मामले में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता केदार गुप्ता ने तंज कसते हुए कहा कि कौशल्या मां के धरती में अगर कोई राष्ट्रीय नेता कांग्रेस के दुखी हैं, तो हमारा भी मन विचलित होता है। उन्होंने कहा कि आप कांग्रेसियों से बच लीजिए राधिका जी। बाकी छत्तीसगढ़ में आपको कुछ नहीं होगा। यह मोदी की गारंटी और विष्णुदेव साय की सुशासन की गारंटी है। 

पीसीसी दफ्तर में गुंडागर्दी- गौरीशंकर श्रीवास्तव
वहीं भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास्तव ने भी तंज कसते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा कि पीसीसी दफ्तर में जैनपुरिया सुशील की गुंडागर्दी महिला नेत्री से की अश्लील हरकत? साथ ही लिखा कि हे राधिका हे राधे

 

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