फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Questions raised on Food Department after government ration rice was seized

रायपुर: सरकारी राशन का चावल पकड़े जाने के बाद खाद्य विभाग पर उठे सवाल

Tue, 13 Oct 2026 04:54 PM IST
अमन कोशले अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर Published by: अमन कोशले Updated Tue, 13 Oct 2026 04:54 PM IST
सार

सरकारी राशन के चावल से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। गाड़ी से चावल पकड़े जाने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई, जब्त चावल की सुपुर्दगी और उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक सत्यापन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

विज्ञापन
Questions raised on Food Department after government ration rice was seized
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

रायपुर जिले में सरकारी राशन के चावल से जुड़े दो अलग-अलग मामले सामने आने के बाद खाद्य विभाग की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। पहला मामला वार्ड दो स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान का है, जहां से चावल ले जा रही गाड़ी को कांग्रेस पार्षदों और कार्यकर्ताओं ने रोककर पकड़ लिया। इसके बाद खाद्य विभाग को सूचना दी गई और पुलिस गाड़ी को थाने ले गई। वहीं, दूसरा मामला रास्ते में बिचौलियों के कब्जे से चावल से भरी गाड़ी पकड़े जाने से जुड़ा है। दोनों ही घटनाएं पूरी तरह अलग हैं, लेकिन अब तक प्रशासनिक स्तर पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
विज्ञापन


दो अलग मामलों में कार्रवाई पर संशय
इन दोनों मामलों में कितनी मात्रा में सरकारी चावल जब्त किया गया, खाद्यान्न की सुपुर्दगी किसे दी गई और संबंधित लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए गए, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। विभाग की ओर से यह स्पष्ट विवरण दिया जाना जरूरी है ताकि भ्रम की स्थिति न बने। दोनों प्रकरणों की जानकारी और कार्रवाई की स्थिति जानने के लिए खाद्य अधिकारी श्रद्धा चौहान से संपर्क किया गया। उन्होंने इस संबंध में अपने कार्यालय से पूरी जानकारी लेने की बात कही है। फिलहाल विभाग की ओर से आधिकारिक रिपोर्ट जारी होने का इंतजार किया जा रहा है।
विज्ञापन


स्टॉक के भौतिक सत्यापन की मांग
दो अलग-अलग स्थानों पर चावल पकड़े जाने की घटनाओं के बाद अंचल की सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानों के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराने की मांग जोर पकड़ रही है। मांग की जा रही है कि दुकानों को मिले चावल के कुल आवंटन, उनके वितरण रजिस्टर और वास्तविक उपलब्ध स्टॉक का आपस में मिलान कराया जाए। इस प्रक्रिया से यह स्पष्ट हो सकेगा कि दुकानों में दर्ज खाद्यान्न के आंकड़ों और मौके पर मौजूद स्टॉक में कोई अंतर है या नहीं। इससे हितग्राहियों को मिलने वाले राशन की नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


खाद्य सुरक्षा और जवाबदेही की जरूरत
सरकारी राशन सीधे तौर पर जरूरतमंद परिवारों के खाद्य सुरक्षा अधिकार से जुड़ा विषय है। इसलिए ऐसे मामलों में पारदर्शिता और समय पर कार्रवाई की जानकारी सामने आना बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों प्रकरणों का रिकॉर्ड अलग-अलग सार्वजनिक होने से ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस मामले में क्या कार्रवाई की गई और जब्त चावल की सुपुर्दगी किस प्रक्रिया के तहत हुई। पूरे मामले में विभागीय जांच और आधिकारिक ब्योरा सामने आने के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed