फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Politics on Jheeram incident: BJP said- Bhupesh government is doing emotional exploitation

झीरम कांड पर सियासत: BJP बोली- इमोशनल शोषण कर रही भूपेश सरकार, कांग्रेस का जवाब- नार्को टेस्ट कराएं भाजपाई

Thu, 25 May 2023 04:10 PM IST
ललित कुमार सिंह अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रायपुर Published by: ललित कुमार सिंह Updated Thu, 25 May 2023 04:10 PM IST
सार

आज झीरम कांड शहादत दिवस पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमाई हुई है। बीजेपी-काग्रेस में आरोपों का सिलसिला जारी है।  बीजेपी के सीनियर नेता अजय चंद्राकर ने मामले में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे बड़े ही दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सीएम भूपेश बघेल ने इस विषय को राजनीतिक विषय बना लिया है।

विज्ञापन
Politics on Jheeram incident: BJP said- Bhupesh government is doing emotional exploitation
सीएम भूपेश बघेल, बीेजेपी विधायक अजय चंद्राकर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आज झीरम कांड शहादत दिवस पर छत्तीसगढ़ की राजनीति गरमाई हुई है। बीजेपी-काग्रेस में आरोपों का सिलसिला जारी है। बीजेपी के सीनियर नेता अजय चंद्राकर ने मामले में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे बड़े ही दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि सीएम भूपेश बघेल ने इस विषय को राजनीतिक विषय बना लिया है। वे अपनी ही पार्टी के परिवारजनों का भावनात्मक शोषण कर रहे हैं।

विज्ञापन


दूसरी ओर कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों का पलटवार किया है। कांग्रेस ने कहा कि झीरम शहादत की 10वीं वर्षगांठ पर बीजेपी नेताओं की ओर से की गयी बयानबाजी बेहद ही स्तरहीन और आपत्तिजनक है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के चेयरमैन सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, भाजपा प्रवक्ता अजय चंद्राकर ने जीरम मामले में बयानबाजी कर भाजपा के बेशर्म चरित्र को प्रदर्शित किया है। झीरम घाटी हमला एक ऐसा हत्या कांड था जिसने कांग्रेस के नेतृत्व की एक पूरी पीढ़ी को ही समाप्त कर दिया था। स्वतंत्र भारत में हुई दुर्दान्त और हृदय विदारक घटना भारतीय जनता पार्टी के शासन काल में डॉ. रमन सिंह के राज में घटित हुई थी। इस क्रूर हत्याकांड के लिये भाजपा और उसकी राज्य सरकार जिम्मेदार हैं। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इस मामले में खुलासे के लिये रमन सिंह सहित तत्कालीन गृहमंत्री, तत्कालीन जिम्मेदार पुलिस के अधिकारियों का नार्को टेस्ट कराया जाये। भाजपा झीरम की जांच नहीं होने देना चाहती है। जीरम न्यायिक आयोग की जांच पर रोक के लिए पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक स्टे लेकर आये थे। भाजपा सच के आ जाने पर बेनकाब होने से डरती है। रमन सिंह से जैसा क्रूर शासक आजाद भारत में आज तक नहीं हुआ। एक साथ विपक्ष के 31 नेताओं की हत्या हो गयी और तत्कालीन सरकार सच सामने आने देने से रोकने में पूरी ताकत लगा रखी थी। भाजपा के बड़े नेता झीरम की जांच को रोकने लगातार कोशिशें कर रहे हैं, उससे साफ है कि  झीरम के पीछे तत्कालीन भाजपा सरकार की भूमिका संदिग्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: झीरम कांड पर CM का केंद्र पर निशाना: भूपेश बघेल बोले- नक्सली कमांडर रमन्ना और गणपति का नाम FIR से क्यों हटाया

कांग्रेस ने भाजपा से मांगा जवाब

  1. भाजपा बतायें कि कांग्रेस की परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा को घोर नक्सल इलाकों से क्यों हटा दिया गया था? यात्रा की सुरक्षा हटाने के आदेश किस अधिकारी ने दिया था? यात्रा की सुरक्षा हटाने के लिये किस नेता ने अधिकारी से कहा था?
  2. झीरम दिवंगत के पीड़ित परिवार उस समय सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे, विधानसभा में घोषणा के बाद भी रमन सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा क्यों नहीं किया था?
  3. झीरम के पीड़ित परिवारों को तत्कालीन गृहमंत्री राजनाथ सिंह मिलने के लिये क्यों रोक दिया गया था?
  4. रमन सरकार के समय न्यायिक जांच के लिये गठित न्यायिक आयोग के जांच के बिन्दु में राजनैतिक षड़यंत्र को क्यों नहीं जोड़ा गया था?
  5. एनआईए ने जीरम की जांच को बंद कर दिसंबर 2018 के पहले ही क्लोजर रिपोर्ट लगा दिया था जैसे ही कांग्रेस की सरकार जीरम की जांच के लिये एसआईटी का गठन किया, आनन-फानन में एनआईए ने जांच क्यों शुरू कर दिया? एनआईए जीरम की फाइल एसआईटी को क्यों नहीं दे रही है?
  6.  कांग्रेस की सरकार ने जब जीरम न्यायिक आयोग का कार्यकाल बढ़ाया तो तत्कालीन नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक हाई कोर्ट से स्टे क्यों लेकर आये थे? धरमलाल कौशिक क्यों जीरम की जांच रोकना चाहते है?
  7. एनआईए ने नक्सलवादी नेता गणपति और रमन्ना से पूछताछ क्यों नहीं किया?
  8. एनआईए ने रमन सिंह, तत्कालीन गृह मंत्री से पूछताछ क्यों नहीं किया?
  9. एनआईए जीरम मामले की फाइल एसआईटी को सौंपे ताकि एसआईटी इसकी जांच कर सकें।
  10. परिवर्तन यात्रा की सुरक्षा क्यों हटाया इसको जानने के लिये जीरम हमले के समय मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एडीजी नक्सल मुकेश गुप्ता तत्कालीन पदस्थ उच्च अधिकारियों का नार्को टेस्ट होना चाहिये। 
  11.  जांच एजेंसी एनआईए रमन सिंह एवं अन्य का नार्को टेस्ट कराये या एनआईए राज्य सरकार द्वारा जीरम की जांच के लिये गठित फाइल वापस करें ताकि एसआईटी नार्को टेस्ट करवा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed