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Bijapur : इंद्रावती नदी में नाव पलटने से फार्मासिस्ट की मौत, मेडिकल कैंप के बाद लौट रहे थे स्वास्थ्य कर्मचारी
Tue, 08 Nov 2022 02:53 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बीजापुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 08 Nov 2022 02:53 PM IST
सार
घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर कार्रवाई करते हुए बरसूर पुलिस की टीम टीआई के साथ मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। अंधेरा होने के बावजूद उन्होंने बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे शव बरामद किया।
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सांकेतिक फोटो
- फोटो : social media
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विस्तार
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सोमवार देर शाम इंद्रावती नदी में नाव पलटने से एक फार्मासिस्ट की मौत हो गई। उसका शव मंगलवार सुबह बरामद किया गया है। फार्मासिस्ट अपनी टीम के साथ अंदरूनी गांव में मेडिकल कैंप में शामिल होकर लौट था। अन्य कर्मचारियों ने तैरकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हादसा बीजापुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर कोसलनार थाना क्षेत्र में हुआ है।
जानकारी के मुताबिक, बीजापुर से स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम नक्सल प्रभावित गांव कोलसनार में मेडिकल कैंप के लिए गई थी। वहां से सभी नाव से लौट रहे थे। इसी बीच इंद्रावती नदी में नाव पलट गई, जिसके चलते सभी लोग डूबने लगे। उनमें फार्मासिस्ट प्रदीप कौशिक (27) भी शामिल थे। नदी के तेज बहाव में वह बह गए। अन्य लोगों को किसी तरह बचाया गया।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रबंधन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) संदीप ताम्रकर ने बताया कि मरीजों और ग्रामीणों का नियमित निरीक्षण किया गया। इसके बाद सभी दो नावों में सवार होकर लौट रहे थै। एक नाव में वे और डॉक्टर थे, जबकि दूसरी नाव में प्रदीप, दो महिला कर्मचारी और एक और डॉक्टर सवार थे। तीन अन्य नाव पकड़े रहे और उन्हें बचा लिया गया।
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उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर कार्रवाई करते हुए बरसूर पुलिस की टीम टीआई के साथ मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। अंधेरा होने के बावजूद उन्होंने बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे शव बरामद किया शव को पोस्टमार्टम के लिए घटना स्थल से नजदीकी जिला अस्पताल दंतेवाड़ा ले जाया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, बीजापुर से स्वास्थ्य कर्मियों की एक टीम नक्सल प्रभावित गांव कोलसनार में मेडिकल कैंप के लिए गई थी। वहां से सभी नाव से लौट रहे थे। इसी बीच इंद्रावती नदी में नाव पलट गई, जिसके चलते सभी लोग डूबने लगे। उनमें फार्मासिस्ट प्रदीप कौशिक (27) भी शामिल थे। नदी के तेज बहाव में वह बह गए। अन्य लोगों को किसी तरह बचाया गया।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रबंधन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) संदीप ताम्रकर ने बताया कि मरीजों और ग्रामीणों का नियमित निरीक्षण किया गया। इसके बाद सभी दो नावों में सवार होकर लौट रहे थै। एक नाव में वे और डॉक्टर थे, जबकि दूसरी नाव में प्रदीप, दो महिला कर्मचारी और एक और डॉक्टर सवार थे। तीन अन्य नाव पकड़े रहे और उन्हें बचा लिया गया।
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उन्होंने बताया कि घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर कार्रवाई करते हुए बरसूर पुलिस की टीम टीआई के साथ मौके पर पहुंची। एनडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। अंधेरा होने के बावजूद उन्होंने बचाव अभियान शुरू किया। टीम ने मंगलवार सुबह करीब नौ बजे शव बरामद किया शव को पोस्टमार्टम के लिए घटना स्थल से नजदीकी जिला अस्पताल दंतेवाड़ा ले जाया गया है।