कांग्रेस में घमासान: सीएम बघेल का सिब्बल पर निशाना, कहा- चुनाव नहीं लड़ने वाले सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं
कांग्रेस में मचे घमासान के बीच छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने आज जी-23 गुट के नेता कपिल सिब्बल को निशाने पर लिया। उन्होंने क्या-क्या कहा जानिए।
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पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में करारी हार के बाद कांग्रेस में उथल-पुथल मची हुई है। विद्रोही गुट जी-23 कांग्रेस आलाकमान पर दबाव बनाने का कोई मौका नहीं चूक रहा है। वहीं आलाकमान के करीबी नेता भी विद्रोही गुट पर हमला बोलने से नहीं चूक रहे हैं। दोनों ओर से बयानबाजी का सिलसिला जोरों पर है।
कपिल सिब्बल को निशाने पर लिया
आलाकमान के करीबी माने जाने वाले और छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने आज जी-23 गुट के नेता कपिल सिब्बल को निशाने पर लिया। बघेल ने कहा कि जिन लोगों ने चुनाव तक नहीं लड़ा, वे सिर्फ बयानबाजी कर रहे हैं। लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं को गांधी परिवार पर पूरा भरोसा है।
इसके साथ ही सीएम बघेल ने द कश्मीर फाइल को लेकर भी बयान दिया। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस फिल्म में अपनी रुचि दिखाई है। हम भी यह फिल्म जरूर देखेंगे और अपनी प्रतिक्रिया देंगे। मैंने विधायकों को भी फिल्म देखने के लिए आमंत्रित किया है।
एडसमेटा मुठभेड़ की न्यायिक जांच रिपोर्ट विधानसभा में पेश
छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में 2013 में हुई एडसमेटा मुठभेड़ की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग ने निष्कर्ष निकाला है कि सुरक्षा बलों ने निहत्थे लोगों की भीड़ पर घबराहट में गोलियां चलाईं थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि गोलीबारी में मारे गए या घायल व्यक्तियों में से कोई भी नक्सली संगठन से नहीं जुड़ा था। विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एडसमेटा मुठभेड़ की जांच के लिए गठित न्यायिक जांच आयोग का प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखा।
'द कश्मीर फाइल्स' पर जीएसटी माफ करे केंद्र
छत्तीसगढ़ में 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म को कर मुक्त करने की राज्य में विपक्षी भाजपा की मांग के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र को फिल्म पर केंद्रीय जीएसटी माफ करनी चाहिए। विधानसभा में बुधवार को मुख्यमंत्री ने सभी विधायकों को यहां के एक मॉल में फिल्म देखने का न्योता दिया।
'घर की कांग्रेस' की जगह 'सब की कांग्रेस' हो: सिब्बल
कपिल सिब्बल ने गांधी परिवार पर हमला बोलते हुए कहा था कि अब वक्त आ गया है कि 'घर की कांग्रेस' की जगह 'सब की कांग्रेस' हो। उन्होंने कहा कि इस बार के परिणामों ने मुझे आश्चर्यचकित नहीं किया क्योंकि मुझे इसका अंदाजा पहले से था। हम 2014 से लगातार नीचे की ओर जा रहे हैं। हमने राज्य दर राज्य खोया है। जहां हम सफल हुए वहां भी हम अपने कार्यकर्ता को एक साथ नहीं रख पाए। इस बीच कांग्रेस से कुछ प्रमुख लोगों का पलायन हुआ है। जिनमें नेतृत्व का भरोसा था वह कांग्रेस से दूर जा रहे थे। 2022 के विधानसभा चुनाव में भी नेतृत्व के करीबी लोगों ने उनका साथ छोड़ दिया। मैं आंकड़े देख रहा था। यह ध्यान रखना वाकई दिलचस्प है कि 2014 से अब तक लगभग 177 सांसद, विधायक के साथ-साथ 222 उम्मीदवार कांग्रेस छोड़ चुके हैं। हमने इतिहास में किसी अन्य राजनीतिक दल में इस तरह का पलायन नहीं देखा है।
हम सामने से नेतृत्व करने में असमर्थ हैं: सिब्बल
सिब्बल ने कहा कि हमें समय-समय पर अपमानजनक हार का सामना करना पड़ा है। जिन राज्यों में हम प्रासंगिक होने की उम्मीद करते हैं, वहां वोटों का प्रतिशत लगभग न के बराबर है। उत्तर प्रदेश में हमारे पास 2.33 फीसदी वोट शेयर है। इससे मुझे आश्चर्य नहीं होता। हम मतदाताओं से जुड़ने में असमर्थ हैं। सिब्बल ने कहा कि हम सामने से नेतृत्व करने में असमर्थ हैं, लोगों तक पहुंचने में असमर्थ हैं। हमारी पहुंच सार्वजनिक बहस का विषय है। जैसा कि गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि एक नेता में पहुंच, जवाबदेही और स्वीकार्यता के गुण होने चाहिए। 2014 के बाद से जवाबदेही का अभाव, घटती स्वीकार्यता और पहुंच बढ़ाने के लिए बहुत कम प्रयास हुए हैं। यही असली समस्या है। इसलिए परिणामों ने मुझे चौंकाया नहीं।