फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   paid MBBS fee by selling cow dung under chhattisgarh godhan nyay yojana

गोबर बेच बेटे को पढ़ा रहे डॉक्टरी: NEET की कोचिंग कराई, MBBS की फीस भी दी, CM बोले-'न्याय' का नया श्लोक

Tue, 15 Nov 2022 05:06 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Tue, 15 Nov 2022 05:06 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ सरकार ने 20 जुलाई 2020 को गोधन न्याय योजना की शुरुआत की थी। यह योजना किसानों और पशुपालकों के लिए बनाई गई है। इसके तहत राज्य में जितने भी किसान और पशुपालक हैं, उन लोगों से गाय का गोबर दो रुपये किलो के दाम पर खरीदा जाता है। खरीदे गए गाय के गोबर का इस्तेमाल सरकार वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के लिए करती है। 
 

विज्ञापन
paid MBBS fee by selling cow dung under chhattisgarh godhan nyay yojana
एमबीबीएस में चयनित आलोक सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

छत्तीसगढ़ में शुरू हुई गोधन न्याय योजना अब लोगों का जीवन स्तर में भी सुधार ला रही है। प्रदेश के नवगठित जिले मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) के पशुपालक संतोष सिंह गोबर बेचकर अपने बेटे आलोक को डॉक्टर बना रहे हैं। पहले NEET की कोचिंग कराई। फिर MBBS में चयन होने पर उसकी फीस का भी भुगतान भी गोबर बेचकर मिले रुपयों से किया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी आलोक को फोन कर उसके चयन के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। 

विज्ञापन


नीट की तैयारी के लिए कोटा भेजा
MCB जिले में मनेंद्रगढ़ ब्लॉक के ग्राम आमाखेखा निवासी संतोष सिंह किसान होने के साथ-साथ पशुपालक भी हैं। उनके बेटे आलोक सिंह का चयन MBBS में हुआ है। इसके बाद कांकेर मेडिकल कॉलेज में उसका दाखिला कराया गया है। इसके लिए गोधन न्याय योजना के तहत संतोष सिंह ने गोबर बेचा। उससे मिले रुपयों से NEET की कोचिंग कराने उन्होंने आलोक को कोटा भेजा। आलोक ने भी मेहनत की और NEET पास कर MBBS में चयनित हुआ। 
विज्ञापन


3.25 लाख रुपये का बेचा गोबर
संतोष सिंह बताते हैं कि वे हमेशा से अपने बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन आठ सदस्यीय परिवार का पालन-पोषण करना ही मुश्किल था। उसमें बेटे की पढ़ाई पर भी खर्च हो रहा था। ऐसे में जब छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना की शुरुआत हुई तो उन्हें सहारा मिला। संतोष सिंह बताते हैं कि उनके पास 40 मवेशी हैं। उनके गोबर बेचकर आलोक को कोचिंग कराई और पढ़ाई पर खर्च किया। संतोष सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन लाख 25 हजार रुपये का गोबर बेचा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 

CM ने कहा-ये सीजी मॉडल
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने फोन कर आलोक को बधाई दी है। उन्होंने इसे लेकर ट्वीट भी किया है। मुख्यमंत्री बघेल ने लिखा कि, 'न्याय' का नया श्लोक, डॉक्टर बनेगा आलोक। छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना की सफलता का दायरा दिनों-दिन बढ़ता जा है। MCB के संतोष सिंह ने गोबर बेचकर मिले पैसों से अपने बेटे आलोक को NEET की कोचिंग कराई और कांकेर मेडिकल कॉलेज में चयन होने पर फीस भी जमा की। ये सीजी मॉडल है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed