छत्तीसगढ़ की 3 विभूतियों को पद्मश्री: 'बिरहोर के भाई' के नाम से फेमस जागेश्वर,मांझी और बेरठ को मिलेगा ये सम्मान
chhattisgarh Padma Shri : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर गुरुवार को पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। इसमें छत्तीसगढ़ के 3 हस्तियों को पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
विस्तार
सीएम साय ने लगातार तीन ट्वीट कर दी बधाई
सीएम साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर लगातार तीन ट्वीट किए। पहले ट्वीट में लिखा कि भारत सरकार द्वारा बिरहोर आदिवासियों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जागेश्वर यादव को मिलेगा पद्मश्री सम्मान। जशपुर के रहने वाले #बिरहोर_के_भाई के नाम से प्रसिद्ध श्री #जागेश्वर_यादव को आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फोन करके बधाई दी।
दूसरे ट्वीट में लिखा कि आदिवासियों को बेहतर जिंदगी देने के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जागेश्वर यादव ,अब पद्मश्री जागेश्वर यादव कहलायेंगे। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जागेश्वर दादा को खुद फोन करके बताया कि उन्हें भारत सरकार द्वारा #पद्मश्री पुरस्कार मिला है और राष्ट्रपति जी से पुरस्कार लेने उन्हें दिल्ली जाना है। यादव को आदिवासियों के उत्थान के लिए समर्पित भाव से कार्य करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह सम्मान भी प्रदान किया गया है।
तीसरे ट्वीट में लिखा कि पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने वालों में छत्तीसगढ़ से एक और विभूति का नाम शामिल #पंडित_राम_लाल_बरेठ को कला के क्षेत्र में मिला पद्मश्री सम्मान। रायगढ़ जिले के रामलाल बरेठ कथक के मूर्धन्य नर्तक हैं। पूर्व में इन्हें अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बरेठ को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
जागेश्वर यादव ने बिरहोर जनजाति के लिए समर्पित किया जीवन
जागेश्वर यादव जशपुर के आदिवासी कार्यकर्ता हैं, जो आदिवासी समाज के कल्याण के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में हाशिये पर पड़े बिरहोर जनजाति और पहाड़ी कोरवा के उत्थान के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने जशपुर में एक आश्रम की स्थापना की है, जिसके लिए कई कार्य किया। इस आश्रम की ओर से आदिवासियों के निरक्षरता को खत्म करने और स्वास्थ्य सेवा को उन्नत करने के लिए शिविर लगाया जाता है। महामारी के दौरान आदिवासी महिलाओं को टीकाकरण की सुविधा दी गई। जिससे काफी मदद मिली। आर्थिक तंगी के बावजूद उनके काम में कोई बाधा नहीं पहुंची। सामाजिक बदलाव के लिए वो कार्य करते रहे।
15 साल की उम्र से सेवा कर रहे हेमचंद मांझी
नारायणपुर के रहने वाले वैद्यराज हेमचंद मांझी एक पारंपरिक औषधीय व्यवसायी हैं। वे 15 साल की उम्र से जरूरतमंदों की सेवा के लिए नारायणपुर में कम दर पर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में सहयोग दे रहे हैं। 5 दशक से अधिक समय से वो ग्रामीणों की सेवा कर रहे हैं। अबूझमाड़ के जंगलों में पाई जाने वाली जड़ी-बूटियों का उन्हें विशेष ज्ञान है। वैद्यराज विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों से इलाज के लिए बहुत कम राशि लेते हैं।
कथक के मूर्धन्य नर्तक हैं रामलाल बरेठ
बिलासपुर संभाग के रायगढ़ जिले के रहने वाले पंडित रामलाल बेरठ को कला के क्षेत्र में पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है। बरेठ कथक के मूर्धन्य नर्तक हैं। पूर्व में उन्हें अकादमी पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बरेठ को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
पद्मश्री सम्मान प्राप्त करने वालों में छत्तीसगढ़ से एक और विभूति का नाम शामिल#पंडित_राम_लाल_बरेठ को कला के क्षेत्र में मिला पद्मश्री सम्मान। रायगढ़ जिले के श्री राम लाल बरेठ कथक के मूर्धन्य नर्तक हैं ,पूर्व में इन्हें अकादमी पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) January 25, 2024
मुख्यमंत्री श्री… pic.twitter.com/wuh38yNriD
आदिवासियों को बेहतर जिंदगी देने के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले जागेश्वर यादव ,अब पद्मश्री जागेश्वर यादव कहलायेंगे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जागेश्वर दादा को खुद फोन करके बताया कि उन्हें भारत सरकार द्वारा #पद्मश्री पुरस्कार मिला है और राष्ट्रपति जी से पुरस्कार लेने… pic.twitter.com/8cbvE0WfFm
छत्तीसगढ़ के श्री जागेश्वर यादव और श्री हेमचंद मांझी को मिलेगा पद्मश्री सम्मान।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई।#PadmaShree pic.twitter.com/HD4rEBdMrb
भारत सरकार द्वारा बिरहोर आदिवासियों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले श्री जागेश्वर यादव को मिलेगा पद्मश्री सम्मान।
— CMO Chhattisgarh (@ChhattisgarhCMO) January 25, 2024
जशपुर के रहने वाले #बिरहोर_के_भाई के नाम से प्रसिद्ध श्री #जागेश्वर_यादव को आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फोन करके बधाई दी।#Jageshwar_yadav pic.twitter.com/hYukVFYdnd
छत्तीसगढ़ में अब तक 28 लोगों को मिल चुका है पद्मश्री सम्मान
वर्ष 1976 से लेकर 2023 तक छत्तीसगढ़ में 26 लोगों को पद्मश्री सम्मान मिल चुका है। पंडित राम लाल बरेठ, जागेश्वर यादव एवं वैद्यराज हेमचंद मांझी का नाम पद्मश्री के लिए घोषित होने पर पद्मश्री सम्मान से विभूषित होने वालों की संख्या 29 हो जाएगी।
पंड़वानी गायिकातीजन बाई को मिला है तीनों पद्म सम्मान
विश्व विख्यात पंडवानी गायिका श्रीमती तीजन बाई छत्तीसगढ़ की एक मात्र ऐसी हस्ती हैं, जिन्हें भारत सरकार द्वारा भारतीय नागरिकों को दिया जाने वाला तीनों पद्म सम्मान मिला है। तीजन बाई को लोक गायन (पंडवानी) के क्षेत्र में उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए वर्ष 1988 में पद्मश्री, वर्ष 2003 में पद्मभूषण और वर्ष 2019 में पद्मविभूषण सम्मान से नवाजा जा चुका है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्मश्री से सम्मानित किए जाने वाली हस्तियों के नामों का एलान कर दिया है। इससे पहले 23 जनवरी को सरकार ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री कूर्परी ठाकुर को भारत रत्न से नवाजने का एलान किया था।