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रायपुर: विकास कार्यों पर 40 निकायों को नोटिस, तीन दिन का अल्टीमेटम…लापरवाही और देरी पर सीधी जवाबदेही तय होगी
Fri, 16 Oct 2026 03:02 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 16 Oct 2026 03:02 PM IST
सार
नगरीय निकायों में विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार निर्देश देने के बावजूद काम में सुधार न होने पर विभाग ने प्रदेश के 40 नगरीय निकायों को नोटिस जारी किया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में विकास कार्यों की धीमी गति को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। बार-बार निर्देश देने के बावजूद काम में सुधार न होने पर विभाग ने प्रदेश के 40 नगरीय निकायों को नोटिस जारी किया है। विभाग ने सभी संबंधित निकायों को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है। निकायों को इस निर्धारित समयसीमा के भीतर अधूरे विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति और प्रगति की पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। विभाग ने राज्य प्रवर्तित योजनाओं के तहत स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों का पूरा विवरण मांगा है। इसके साथ ही, लापरवाही और देरी पर सीधी जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी है।
राज्य प्रवर्तित योजनाओं की मांगी जानकारी
विभाग ने नोटिस जारी करके राज्य प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। निकायों को पोर्टल पर यह दर्ज करना होगा कि संबंधित विकास कार्य इस समय किस चरण में हैं और अब तक उनमें कितनी प्रगति हुई है। इसके साथ ही निकायों को अधूरे कार्यों का विवरण भी निर्धारित पोर्टल पर अद्यतन करना पड़ेगा। विभाग की इस सख्ती के बाद संबंधित 40 नगरीय निकायों में प्रशासनिक हलचल काफी बढ़ गई है।
करोड़ों रुपये की परियोजनाएं अधर में
नगरीय निकायों में विकास कार्यों की धीमी गति विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। प्रदेश के कई निकायों में करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले काम अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। विभाग ने अधिकारियों को पूर्व में बार-बार निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कार्यों की प्रगति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद ही विभाग ने 40 निकायों को चिह्नित करके नोटिस जारी किया है। शासन चाहता है कि विकास कार्यों में तेजी आए और जनसुविधा की परियोजनाएं समय पर पूरी हों।
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पारदर्शी निगरानी से तय होगी जवाबदेही
विभाग ने सभी संबंधित नगरीय निकायों को पोर्टल पर जानकारी अद्यतन करने के लिए केवल तीन दिन की समयसीमा दी है। निकायों को इस दौरान अधूरे विकास कार्यों की प्रगति का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। नोटिस में विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर जानकारी अपडेट न करने और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी होने पर वह अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा। विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य लंबित विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट करना और उन्हें जल्द पूरा कराना है।
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राज्य प्रवर्तित योजनाओं की मांगी जानकारी
विभाग ने नोटिस जारी करके राज्य प्रवर्तित योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत और निर्माणाधीन कार्यों की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। निकायों को पोर्टल पर यह दर्ज करना होगा कि संबंधित विकास कार्य इस समय किस चरण में हैं और अब तक उनमें कितनी प्रगति हुई है। इसके साथ ही निकायों को अधूरे कार्यों का विवरण भी निर्धारित पोर्टल पर अद्यतन करना पड़ेगा। विभाग की इस सख्ती के बाद संबंधित 40 नगरीय निकायों में प्रशासनिक हलचल काफी बढ़ गई है।
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करोड़ों रुपये की परियोजनाएं अधर में
नगरीय निकायों में विकास कार्यों की धीमी गति विभाग के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। प्रदेश के कई निकायों में करोड़ों रुपये की लागत से होने वाले काम अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। विभाग ने अधिकारियों को पूर्व में बार-बार निर्देश दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कार्यों की प्रगति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद ही विभाग ने 40 निकायों को चिह्नित करके नोटिस जारी किया है। शासन चाहता है कि विकास कार्यों में तेजी आए और जनसुविधा की परियोजनाएं समय पर पूरी हों।
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पारदर्शी निगरानी से तय होगी जवाबदेही
विभाग ने सभी संबंधित नगरीय निकायों को पोर्टल पर जानकारी अद्यतन करने के लिए केवल तीन दिन की समयसीमा दी है। निकायों को इस दौरान अधूरे विकास कार्यों की प्रगति का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। नोटिस में विभाग ने साफ किया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर जानकारी अपडेट न करने और विकास कार्यों में अनावश्यक देरी होने पर वह अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा। विभाग की इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य लंबित विकास कार्यों की स्थिति स्पष्ट करना और उन्हें जल्द पूरा कराना है।