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NITI Aayog Report: देश के आकांक्षी जिलों में नक्सल प्रभावित नारायणपुर टॉप-5 पर, शिक्षा-स्वास्थ्य में आगे बढ़ा
Tue, 18 Oct 2022 01:12 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Published by: मोहनीश श्रीवास्तव
Updated Tue, 18 Oct 2022 01:12 PM IST
सार
देश के उन जिलों को आकांक्षी में शामिल किया गया, जिनकी सामाजिक और आर्थिक हालत खराब है। इसके लिए केंद्र सरकार ने साल 2018 में कार्यक्रम लॉन्च किया था। जिसमें राज्य सरकारें इन जिलों की स्थिति में सुधार करें। अब 112 आकांक्षी जिलों की ओवरऑल परफॉरमेंस श्रेणी में नारायणपुर पांचवें स्थान पर है।
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स्वामी आत्मानंद स्कूल, नारायणपुर।
- फोटो : social media
विस्तार
छत्तीसगढ़ का नक्सल प्रभावित जिला नारायणपुर शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नीति आयोग की ओर से अगस्त 2022 के लिए जारी की गई चैंपियन ऑफ डेल्टा रैंकिंग में नारायणपुर में लंबी छलांग लगाई है। देश भर में घोषित किए गए 112 आकांक्षी जिलों की ओवरऑल परफॉरमेंस श्रेणी में नारायणपुर पांचवें स्थान पर है। वहीं स्वास्थ्य और पोषण श्रेणी में दूसरा और शिक्षा श्रेणी के आधार पर जारी रैकिंग में नारायणपुर जिले को चौथा स्थान मिला है।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने खोले गए स्वामी आत्मानंद स्कूल
छत्तीसगढ़ में वंचित वर्ग को बेहतर शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूलों की शुरुआत की गई है। इन स्कूलों को शुरू करने का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी अंग्रेजी में पढ़ाना और भविष्य के लिए तैयार करना है। इसी तरह से हिंदी माध्यम के भी उत्कृष्ट स्कूलों की शुरुआत की गई है। इसके अलावा प्राथमिक स्कूलों में भी स्थानीय बोली में शिक्षा दी जा रही है। जिससे बच्चे अपनी संस्कृति और सभ्यता से जुड़े रहें और आसानी से समझ सकें।
राज्य सरकार ने शुरू किया पोषण अभियान
इसी तरह बच्चों में कुपोषण दूर करने और किशोरी बालिकाओं व महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। इससे पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधा के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक, दाई-दीदी क्लीनिक, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, हमर लैब, मलेरिया मुक्त बस्तर और मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ योजना का संचालन किया जा रहा है। वहीं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी लाभ पहुंचाए जा रहे हैं।
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शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने खोले गए स्वामी आत्मानंद स्कूल
छत्तीसगढ़ में वंचित वर्ग को बेहतर शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी स्कूलों की शुरुआत की गई है। इन स्कूलों को शुरू करने का मकसद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों को भी अंग्रेजी में पढ़ाना और भविष्य के लिए तैयार करना है। इसी तरह से हिंदी माध्यम के भी उत्कृष्ट स्कूलों की शुरुआत की गई है। इसके अलावा प्राथमिक स्कूलों में भी स्थानीय बोली में शिक्षा दी जा रही है। जिससे बच्चे अपनी संस्कृति और सभ्यता से जुड़े रहें और आसानी से समझ सकें।
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राज्य सरकार ने शुरू किया पोषण अभियान
इसी तरह बच्चों में कुपोषण दूर करने और किशोरी बालिकाओं व महिलाओं को एनीमिया से मुक्त करने के लिए मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया जा रहा है। इससे पोषण के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। स्वास्थ्य के क्षेत्र में बेहतर सुविधा के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक, दाई-दीदी क्लीनिक, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, हमर लैब, मलेरिया मुक्त बस्तर और मलेरिया मुक्त छत्तीसगढ़ योजना का संचालन किया जा रहा है। वहीं डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य योजना, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य संबंधी लाभ पहुंचाए जा रहे हैं।
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