छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के खिलाफ जमानती वारंट
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पटाखों से होने वाले शोर और प्रदूषण के मामले में अनुपालन रिपोर्ट न दाखिल करने के आरोप में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) की भोपाल स्थित सेंट्रल बेंच ने छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के शोर और प्रदूषण का नियंत्रित करने के लिए निर्देश दिए थे। NGT ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ सरकार को उन आदेश के अनुपालन के लिए इंतजाम करने का आदेश दिया। राज्यों के मुख्य सचिवों और संबंधित पक्षकारों को उन इंतजामों की विस्तृत रिपोर्ट न्यायाधिकरण के समक्ष पेश करने को कहा गया।
NGT के आदेश में कहा गया है कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने-अपने जवाब दाखिल कर दिए, हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से ना कोई वकील पेश हुआ और ना ही कोई जवाब दिया गया।
छत्तीसगढ़ सरकार के रवैये से NGT नाराज
जिन्होंने जवाब दाखिल किया था उन्होंने शोर और प्रदूषण को रोकने के लिए किए गए इंतजामों का ब्योरा दिया था। भारत सरकार ने अपने जवाब में बताया था कि चीन से पटाखे आयात करने के कोई निर्देश नहीं दिए हैं, और राज्य सरकारों को भी चीन में निर्मित पटाखों को जब्त करने का आदेश दिया गया है।
हालांकि छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद NGT के सेंट्रल जोन बेंच ने इस मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।
ज्यूडीशियल मेंबर यूडी साल्वी और एक्सपर्ट मेंबर प्रो एआर युसुफ की बेंच ने यह आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 7 जनवरी 2016 को होगी। विवेक ढांड छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव हैं।