{"_id":"669287a6518a29d252094561","slug":"naxalite-organization-issued-a-press-note-accused-of-sending-more-than-70-innocent-villagers-to-jail-in-sukma-2024-07-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sukma: नक्सली संगठन ने जारी किया प्रेसनोट, 70 से अधिक निर्दोष ग्रामीणों को जेल भेजने का लगाया आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sukma: नक्सली संगठन ने जारी किया प्रेसनोट, 70 से अधिक निर्दोष ग्रामीणों को जेल भेजने का लगाया आरोप
Sat, 13 Jul 2024 07:27 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा (छत्तीसगढ़)
अमर उजाला नेटवर्क, सुकमा (छत्तीसगढ़)
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 13 Jul 2024 07:27 PM IST
सार
सुकमा में नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल के प्रवक्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिस और सुरक्षाबलों पर 70 से अधिक निर्दोष ग्रामीणों की गिरफ्तारी का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सुकमा में नक्सलियों के दक्षिण सब जोनल के प्रवक्ता ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिस और सुरक्षाबलों पर 70 से अधिक निर्दोष ग्रामीणों की गिरफ्तारी का आरोप लगाया है वहीं नक्सलियों ने प्रेस विज्ञप्ति में केंद्र सरकार और राज्य सरकार पर नक्सलवाद को खत्म करने के नाम पर आदिवासियों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है ।
विज्ञापन
बता दें कि प्रेस विज्ञप्ति में नक्सली संगठन ने ऑपरेशन 'कगार' के तहत गांवों पर हमला कर नक्सलियों के नाम से बड़ी संख्या में निर्दोष ग्रामीणों की अवैध गिरफ्तारियां करके जेल भेजने का आरोप लगाया है । वहीं तीन कानून को लेकर नक्सलियों ने लिखा है कि तीनों कानून- न्याय सहिंता, नागरिक सुरक्षा सहिंता, साक्ष्य अधिनियम कानूनों के खिलाफ व्यापक जन संघर्षों का निर्माण किया जाएगा
विज्ञापन
नक्सलियों ने प्रेस विज्ञप्ति में लिखा है कि 5 जुलाई, 2024 को बीजापुर जिले के उसूर थाना, गलगम कैम्प के सैकड़ों की संख्या में पुलिस एवं अर्ध सैनिक बलों द्वारा आधी रात को गलगम गांव को घेराबंदी कर हमला किया इस दौरान अपने घरों में सो रहे 90 से अधिक ग्रामीणों को गिरफ्तार करके बेदम पिटाई करते हुए पहले गलगम कैम्प में रखने औऱ फिर उसूर थानें में ले जाकर कई ग्रामीणों के साथ बेदम पिटाई कर सभी को बिना वारंट के गिरफ्तारियां करने का आरोप भी लगाया है इसके विरोध में 4 दिनों तक थाने का घेराव करके धरना-प्रदर्शन करते हुए विरोध किया गया इस दौरान पुलिस की ज्यादती का वीडियो रिकॉर्ड करके शोशल मीडिया में पोस्ट किया गया जिसके बाद 90 में से 70 लोगों को छोड़ दिए. बाकी 20 लोगों के लापता होने का आरोप भी नक्सलियों ने लगाया है।
विज्ञापन
इसके साथ ही नक्सलियों ने लिखा है कि इससे पहले 1-2 जुलाई, 2024 को सुकमा जिले के चिंतलनार थाना इलाके का तिम्मापुर गांव पर हमला करके के 17 ग्रामीणों को अपनी घरों से उठा ले जाकर बेदम पिटाई करके कुछ ग्रामीणों को छोड़ दिया गया । एक ग्रामीण हेमला लखमा का हाथ तोड़ने का आरोप लगाया है वही बाकी 9 लोगों को जिनमें 2 लोग एक वेदरे गांव का दूसरा जीरागुड़ा का जो तिम्मापुरम में अपने रिश्तेदारों पास आये हुए थे, उनको भी पुलिस झूठे आरोपों में जेल भेजने का आरोप लगाया है।
28 जून, 2024 को सुकमा जिले के ही चिंतलनार थाना क्षेत्र के ग्राम सुरपनगुड़ा पर डीआरजी, जिला पुलिस एवं अर्ध सैनिक बलों द्वारा लगभग 50 से अधिक ग्रामीणों को अरेस्ट करके चिंतलानर थाने ले जाने और कुछ ग्रामीणों को बेदम पिटाई करके बीच रास्ते में छोड़ देने, बाकी 40 लोगों को पुलिस अपनी हिरासत में रखकर खूब यातनाएं देने के बाद कुछ को जेल भेज देने का आरोप लगाया है । ग्राम सुरपनगुड़ा 9 से अधिक ग्रामिणों को जेल भेजने का आरोप लगाया है। 8 जुलाई, 2024 को बीजापुर जिले के ग्राम कोण्डापल्ली के ग्रामीणों को आधार कार्ड्स बनवाने के नाम पर सारकेगुडा सीआरपीएफ कैम्प में बुलवाके सभी लोगों को पहले अरेस्ट किये लगभग 10 लोगों को अलग करके कैम्प के अंदर ही बेदम पिटाई किये जो अब तक लापता है ।