Raipur News: शिक्षा में समानता और ड्रॉपआउट कम करने के लिए राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित
रायपुर के एक निजी होटल में नीति आयोग द्वारा “फॉस्टरिंग मेंटरशिप इन एजुकेशन: ए पाथवे टू इक्विटी” विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई।
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रायपुर के एक निजी होटल में नीति आयोग द्वारा “फॉस्टरिंग मेंटरशिप इन एजुकेशन: ए पाथवे टू इक्विटी” विषय पर राष्ट्रीय परामर्श कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यशाला का उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को अधिक न्यायपूर्ण और समावेशी बनाने के लिए मेंटर्शिप की भूमिका पर विचार-विमर्श करना रहा।
नीति आयोग के सदस्य डॉ. वी. के. पॉल ने कहा कि शिक्षा में संरचित और संस्थागत मेंटरशिप कार्यक्रम समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्तर पर 93% नामांकन के बावजूद उच्च कक्षाओं तक पहुँचते-पहुँचते ड्रॉपआउट दर चिंताजनक रूप से बढ़ जाती है। पॉल ने कहा – “हर बच्चे को समान अवसर और मार्गदर्शन मिलना चाहिए, यह केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि राष्ट्र की क्षमता से जुड़ा मुद्दा है।”
विशेष अतिथि छत्तीसगढ़ के वित्त एवं योजना मंत्री ओ. पी. चौधरी ने शिक्षा में मेंटरशिप की भूमिका को सामाजिक न्याय और समानता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है, लेकिन यदि उन्हें शिक्षा, कौशल और आत्मविश्वास नहीं मिला तो यह अवसर चुनौती बन सकता है।
चौधरी ने अपनी व्यक्तिगत शिक्षा यात्रा साझा करते हुए स्थानीय भाषा और संस्कृति आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि करियर गाइडेंस और मेंटरशिप युवाओं की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होगी। कार्यशाला के विभिन्न सत्रों में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में मेंटरशिप की भूमिका पर चर्चा हुई। इसमें नीति आयोग और छत्तीसगढ़ शासन के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षा विशेषज्ञ और नीति निर्माता बड़ी संख्या में शामिल हुए।