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'मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025' अवॉर्ड: औषधीय एवं सुगंधित खेती में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को राष्ट्रीय सम्मान
Thu, 18 Dec 2025 04:49 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 18 Dec 2025 04:49 PM IST
सार
औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।
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छत्तीसगढ़ के तीन जिलों को राष्ट्रीय सम्मान
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए छत्तीसगढ़ के तीन जिलों धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही को ‘मिलेनियर फार्मर ऑफ इंडिया–2025’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड के मार्गदर्शन में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर तीनों जिलों को बधाई देते हुए कहा कि नवाचार आधारित कृषि विकास से किसानों की आय में वृद्धि के साथ राज्य के ग्रामीण और आदिवासी अंचलों को नई पहचान मिल रही है।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कृषि जागरण संस्था एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संयुक्त तत्वावधान में 7 से 9 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली स्थित आईएआरआई, पूसा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया। इस अवॉर्ड को भारतीय कृषि का 'ऑस्कर' भी कहा जाता है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यह सफलता किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने बताया कि बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं किसानों और महिला समूहों को आत्मनिर्भर बना रही हैं और भविष्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा लगाए गए स्टॉल में राज्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। पारंपरिक वैद्यों ने जड़ी-बूटियों के माध्यम से देश-विदेश से आए लोगों को उपचार पद्धतियों की जानकारी भी दी। बोर्ड के सहयोग से धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों में लेमनग्रास, खस सहित अन्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण किया जा रहा है, जिससे महिला स्व-सहायता समूहों और किसानों की आजीविका मजबूत हुई है। इन्हीं प्रयासों के लिए तीनों जिलों को “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” श्रेणी में सम्मानित किया गया।
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गृह राज्य मंत्री ने प्रदान किया अवॉर्ड
9 दिसंबर 2025 को आयोजित समापन सत्र में भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया गया। मुंगेली जिले की ओर से वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार तथा धमतरी और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की ओर से जिला कलेक्टरों के प्रतिनिधियों ने सम्मान ग्रहण किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन नीति आयोग के सदस्य विजय कुमार सारस्वत और ICAR के महानिदेशक एम.एल. जाट ने किया। यह आयोजन देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों का बड़ा मंच बना, जिसने नवाचार आधारित कृषि विकास को नई दिशा दी।
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यह प्रतिष्ठित पुरस्कार कृषि जागरण संस्था एवं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के संयुक्त तत्वावधान में 7 से 9 दिसंबर 2025 तक नई दिल्ली स्थित आईएआरआई, पूसा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया। इस अवॉर्ड को भारतीय कृषि का 'ऑस्कर' भी कहा जाता है। वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से आदिवासी क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। यह सफलता किसानों और महिला स्व-सहायता समूहों के लिए प्रेरणास्रोत है। औषधि पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम ने बताया कि बोर्ड द्वारा संचालित योजनाएं किसानों और महिला समूहों को आत्मनिर्भर बना रही हैं और भविष्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों के कृषिकरण का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
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स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ आदिवासी, स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड द्वारा लगाए गए स्टॉल में राज्य में औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती से जुड़ी गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। पारंपरिक वैद्यों ने जड़ी-बूटियों के माध्यम से देश-विदेश से आए लोगों को उपचार पद्धतियों की जानकारी भी दी। बोर्ड के सहयोग से धमतरी, मुंगेली और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिलों में लेमनग्रास, खस सहित अन्य औषधीय एवं सुगंधित पौधों का कृषिकरण किया जा रहा है, जिससे महिला स्व-सहायता समूहों और किसानों की आजीविका मजबूत हुई है। इन्हीं प्रयासों के लिए तीनों जिलों को “कृषि क्षेत्र में निजी निवेशकों के माध्यम से आजीविका विकास में प्रशासनिक उत्कृष्टता” श्रेणी में सम्मानित किया गया।
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गृह राज्य मंत्री ने प्रदान किया अवॉर्ड
9 दिसंबर 2025 को आयोजित समापन सत्र में भारत सरकार के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के करकमलों से यह अवॉर्ड प्रदान किया गया। मुंगेली जिले की ओर से वनमंडलाधिकारी अभिनव कुमार तथा धमतरी और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही की ओर से जिला कलेक्टरों के प्रतिनिधियों ने सम्मान ग्रहण किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन नीति आयोग के सदस्य विजय कुमार सारस्वत और ICAR के महानिदेशक एम.एल. जाट ने किया। यह आयोजन देश-विदेश के कृषि विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, किसानों और उद्योग प्रतिनिधियों का बड़ा मंच बना, जिसने नवाचार आधारित कृषि विकास को नई दिशा दी।