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CG: मंत्री केदार ने की धान खरीदी और सहकारी समितियों के कामकाज की समीक्षा,कहा- सहकारिता से समृद्धि हमारा लक्ष्य
Thu, 16 Jan 2025 01:43 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 16 Jan 2025 01:43 PM IST
सार
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने सरगुजा प्रवास के दौरान वहां के सर्टिक हाउस में सहकारिता एवं सहकारी बैंकों के संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली।
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मंत्री केदार कश्यप ने ली बैठक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने सरगुजा प्रवास के दौरान वहां के सर्टिक हाउस में सहकारिता एवं सहकारी बैंकों के संभाग स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। इस दौरान धान खरीदी उठाव एवं मिलिंग, किसानों को कृषि ऋण, माईक्रो एटीएम की स्थापना आदि की गहन समीक्षा की। उन्होंने शत् प्रतिशत किसानों को क्रेडिट कार्ड उपलबध कराने पैक्स समितियों का कम्प्यूटरीकरण करने के भी निर्देश दिए। मंत्री कश्यप ने कहा कि सहकार से समृद्धि हमारा लक्ष्य है। सहकारिता के माध्यम से किसानों को समृद्ध औैर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास लगातार किया जाना चाहिए।
उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एम पैक्स दुग्ध, मत्स्य एवं लघु वनोपज सहकारी समितियों का गठन सुनिश्चित करने, सीएससी पैक्स के माध्यम से कॉमस सर्विस सेन्टर की स्थापना के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण और किसानों की विविध जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बने, इससे उनकी उपयोगिता साबित होगी और वे आर्थिक रूप से सक्षम होंगी। बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
बैठक में जानकारी दी गई कि सरगुजा संभाग के पांचों जिलों में सुचारू रूप से धान खरीदी की जा रही है। धान खरीदी की व्यवस्था और उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 5 जिलों में लगभग एक लाख 5 हजार किसानों से 5 लाख 75 हजार टन धान खरीदा गया है। जिसमें सरगुजा जिले में 30 हजार 414 किसानों से एक लाख 69 हजार टन धान क्रय करते हुए लिकिंग में 364 करोड़ रूपए की वसूली की गई है। बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ में एक लाख 21 हजार 539 किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण के रूप में 451 करोड़ रूपए वितरित किए गए थे। रबी फसलों के लिए 14 जनवरी 2025 तक की स्थिति में 11 हजार 647 किसानों को 16 करोड़ 83 लाख रूपए का ऋण वितरित किया जा चुका है।
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बैठक में जानकारी दी गई कि पांचों जिलों की 153 समितियों द्वारा माइक्रो ए.टी.एम के माध्यम से 6 करोड़ 29 लाख रूपए का त्वरित भुगतान धान बेचने वाले किसानों को नियमानुसार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 09 समितियों द्वारा कृषि उत्पादक संगठन का गठन किया गया है, जिसमें 691 सदस्यों की अंशपूंजी 4.41 लाख रूपए है। अम्बिकापुर सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधीन 40 नवीन समितियों का गठन किया गया है।
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उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायतों में एम पैक्स दुग्ध, मत्स्य एवं लघु वनोपज सहकारी समितियों का गठन सुनिश्चित करने, सीएससी पैक्स के माध्यम से कॉमस सर्विस सेन्टर की स्थापना के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियां ग्रामीण और किसानों की विविध जरूरतों को पूरा करने का माध्यम बने, इससे उनकी उपयोगिता साबित होगी और वे आर्थिक रूप से सक्षम होंगी। बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
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बैठक में जानकारी दी गई कि सरगुजा संभाग के पांचों जिलों में सुचारू रूप से धान खरीदी की जा रही है। धान खरीदी की व्यवस्था और उठाव की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। अब तक 5 जिलों में लगभग एक लाख 5 हजार किसानों से 5 लाख 75 हजार टन धान खरीदा गया है। जिसमें सरगुजा जिले में 30 हजार 414 किसानों से एक लाख 69 हजार टन धान क्रय करते हुए लिकिंग में 364 करोड़ रूपए की वसूली की गई है। बैठक में जानकारी दी गई कि खरीफ में एक लाख 21 हजार 539 किसानों को अल्पकालीन कृषि ऋण के रूप में 451 करोड़ रूपए वितरित किए गए थे। रबी फसलों के लिए 14 जनवरी 2025 तक की स्थिति में 11 हजार 647 किसानों को 16 करोड़ 83 लाख रूपए का ऋण वितरित किया जा चुका है।
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बैठक में जानकारी दी गई कि पांचों जिलों की 153 समितियों द्वारा माइक्रो ए.टी.एम के माध्यम से 6 करोड़ 29 लाख रूपए का त्वरित भुगतान धान बेचने वाले किसानों को नियमानुसार किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि 09 समितियों द्वारा कृषि उत्पादक संगठन का गठन किया गया है, जिसमें 691 सदस्यों की अंशपूंजी 4.41 लाख रूपए है। अम्बिकापुर सहकारी केन्द्रीय बैंक के अधीन 40 नवीन समितियों का गठन किया गया है।