{"_id":"66d3033ae7b986e53702be3a","slug":"martyr-pankaj-vikram-samman-to-daughter-of-jashpur-interesting-story-of-excellent-performance-in-cycling-in-j-2024-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"jashpur: जशपुर की बेटी को शहीद पंकज विक्रम सम्मान, साइक्लिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन की दिलचस्प कहानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
jashpur: जशपुर की बेटी को शहीद पंकज विक्रम सम्मान, साइक्लिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन की दिलचस्प कहानी
Sat, 31 Aug 2024 05:19 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
अमर उजाला नेटवर्क, जशपुर
Published by: Digvijay Singh
Updated Sat, 31 Aug 2024 05:19 PM IST
सार
जशपुर में आदिवासी अंचल बगीचा के एक गरीब आदिवासी किसान की लड़की एलिजाबेथ बेक ने अपनी मेहनत और जुनून के बल पर साइक्लिंग में असाधारण सफलता हासिल की है।
विज्ञापन
जशपुर की बेटी को शहीद पंकज विक्रम सम्मान
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जशपुर में आदिवासी अंचल बगीचा के एक गरीब आदिवासी किसान की लड़की एलिजाबेथ बेक ने अपनी मेहनत और जुनून के बल पर साइक्लिंग में असाधारण सफलता हासिल की है। हाल ही में राजधानी रायपुर में आयोजित राज्य खेल अलंकरण समारोह में उन्हें साइक्लिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शहीद पंकज विक्रम सम्मान 2022-23 से नवाजा गया। इस प्रतिष्ठित सम्मान को प्राप्त करते हुए एलिजाबेथ ने न केवल अपने गांव महादेवडांड (दर्रीटोली) बल्कि पूरे जशपुर जिले का नाम रोशन किया है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्तर की साइक्लिस्ट तक का सफर
एलिजाबेथ बेक के पिता एक किसान हैं, और उनकी कहानी हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो कठिनाइयों का सामना करते हुए अपने सपनों को साकार करना चाहता है। 2015 में साइक्लिंग के प्रति रुचि दिखाने वाली एलिजाबेथ ने अपनी यात्रा की शुरुआत की, जो उस समय केवल एक शौक था। लेकिन जल्द ही यह शौक उनके जीवन का उद्देश्य बन गया।
विज्ञापन
अपने सीमित संसाधनों और साधनों के बावजूद, एलिजाबेथ ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने अब तक विभिन्न प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में 7 मेडल जीतकर अपने हुनर को साबित किया है। पुणे, केरल, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तराखंड, हरियाणा, गुजरात और गोवा जैसे स्थानों पर आयोजित नेशनल गेम्स में भाग लेकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
विज्ञापन
परिवार और शिक्षकों का रहा अपार सहयोग
एलिजाबेथ बेक की इस सफलता के पीछे उनके परिवार और शिक्षकों का अहम योगदान रहा है। वे बताती हैं कि उनके माता-पिता ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और उनकी जरूरतों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की। शिक्षकों ने भी उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन दिया, जिससे उनकी यात्रा आसान हो गई।
सम्मान मिलने पर जशपुर में हर्षोल्लास
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों शहीद पंकज विक्रम सम्मान प्राप्त करने के बाद एलिजाबेथ ने अपने उत्साह को व्यक्त करते हुए कहा, "यह सम्मान मेरे लिए एक बड़ी प्रेरणा है। मैं राज्य का नाम और भी ऊँचाइयों तक ले जाने के लिए लगातार मेहनत करती रहूँगी। उनकी इस उपलब्धि पर जशपुर जिले के कई गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें बधाई दी, जिनमें जिला हॉकी संघ के अध्यक्ष वाल्टर कुजूर, उपाध्यक्ष संतोष चौधरी, डॉ. पी.सी. कुजूर, नवीन रोशन बेक, ज्योति प्रकाश लकड़ा, डेविड कुजूर, अभय मिंज और प्रेस क्लब जशपुर के उपाध्यक्ष दीपक सिंह, संजीत यादव शामिल हैं।
खेल अलंकरण समारोह, खिलाड़ियों का हुआ सम्मान
राज्य खेल अलंकरण समारोह में, जहां एलिजाबेथ को सम्मानित किया गया, वहां कुल 502 प्रतिभावान खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और 01 करोड़ 36 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। इन पुरस्कारों में शहीद राजीव पांडेय, शहीद कौशल यादव, वीर हनुमान सिंह, शहीद विनोद चौबे सम्मान और मुख्यमंत्री ट्रॉफी भी शामिल है।