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CG: नक्सली दंपती ने छोड़ा हिंसा का रास्ता, 16 लाख के इनामी माओवादियों ने किया आत्मसमर्पण
Fri, 09 May 2025 04:09 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
अमर उजाला नेटवर्क, कोंडागांव
Published by: श्याम जी.
Updated Fri, 09 May 2025 04:09 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ की नक्सल उन्मूलन नीति से प्रभावित होकर आठ-आठ लाख के इनामी नक्सली रैसिंग कुमेटी और पुनाय आचला ने कोण्डागांव में आत्मसमर्पण किया। दोनों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
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नक्सली दंपती ने किया सरेंडर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
छत्तीसगढ़ सरकार की नक्सल उन्मूलन और पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर दो इनामी नक्सलियों रैसिंग कुमेटी उर्फ रतनसिंह कुमेटी और पुनाय आचला उर्फ हिरोंदा ने कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक वॉय अक्षय कुमार के समक्ष आत्मसमर्पण किया। दोनों पर सरकार ने आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित आत्मसमर्पण कार्यक्रम में दोनों को 50-50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
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रैसिंग 2002 से और पुनाय 2005 से माओवादी संगठन में सक्रिय थे। दोनों ने राजनांदगांव, कांकेर, कोण्डागांव, गरियाबंद, धमतरी और नारायणपुर में कई नक्सली घटनाओं को अंजाम दिया। रैसिंग 2009 के मदनवाड़ा हमले में शामिल था, जिसमें तत्कालीन एसपी सहित 29 जवान शहीद हुए थे। पुनाय 2011 में एएसपी राजेश पवार पर हुए हमले में शामिल थी, जिसमें नौ जवान बलिदान हुए।
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पुलिस और सुरक्षा बलों की सतत कार्रवाइयों से नक्सलियों में भय का माहौल है, जिसके चलते वे मुख्यधारा में शामिल होने को प्रेरित हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
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