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CG News: राशन वितरण में अनियमितता पर बड़ी कार्रवाई, दो दुकानों का संचालन समाप्त, एक पर जुर्माना
Fri, 26 Dec 2025 04:19 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Fri, 26 Dec 2025 04:19 PM IST
सार
ई–पॉस आधारित राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितता पाए जाने पर रायपुर जिले की दो उचित मूल्य दुकानों का संचालन अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है, जबकि एक दुकान पर अर्थदंड लगाया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। ई–पॉस आधारित राशन वितरण व्यवस्था में अनियमितता पाए जाने पर रायपुर जिले की दो उचित मूल्य दुकानों का संचालन अधिकार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है, जबकि एक दुकान पर अर्थदंड लगाया गया है। शासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्यान्न वितरण में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राज्य में फिलहाल राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण ई–पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण के बाद किया जा रहा है। लाभार्थी बायोमेट्रिक सत्यापन के उपरांत ही सामग्री प्राप्त करते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होती है। इसी व्यवस्था की मजबूती बनाए रखने के लिए खाद्य विभाग द्वारा अधिकारियों की टीम गठित कर नियमित निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान वितरण प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और आधार प्रमाणीकरण की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया, जिसमें कुछ उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर रायपुर जिला खाद्य नियंत्रक ने कार्रवाई करते हुए बैरन बाजार स्थित “मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति” और बढ़ईपारा स्थित “जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति” का संचालन अधिकार समाप्त कर दोनों दुकानों को अन्य दुकानों में संलग्न कर दिया। इसके साथ ही महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक 62 स्थित “दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार” पर अनियमितता मिलने पर 7,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया और कड़ी चेतावनी जारी की गई।
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खाद्य विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी भी उचित मूल्य दुकान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों का उल्लंघन पाया गया तो छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। राज्य सरकार ने दोहराया है कि पारदर्शी, जवाबदेह और लाभार्थी–केंद्रित खाद्यान्न वितरण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस व्यवस्था से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगा।
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राज्य में फिलहाल राशनकार्डधारियों को खाद्यान्न वितरण ई–पॉस मशीन के माध्यम से आधार आधारित प्रमाणीकरण के बाद किया जा रहा है। लाभार्थी बायोमेट्रिक सत्यापन के उपरांत ही सामग्री प्राप्त करते हैं, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होती है। इसी व्यवस्था की मजबूती बनाए रखने के लिए खाद्य विभाग द्वारा अधिकारियों की टीम गठित कर नियमित निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान वितरण प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण और आधार प्रमाणीकरण की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया, जिसमें कुछ उचित मूल्य दुकानों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर रायपुर जिला खाद्य नियंत्रक ने कार्रवाई करते हुए बैरन बाजार स्थित “मां भगवती खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति” और बढ़ईपारा स्थित “जय शीतला काली खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सेवा सहकारी समिति” का संचालन अधिकार समाप्त कर दोनों दुकानों को अन्य दुकानों में संलग्न कर दिया। इसके साथ ही महामाया मंदिर वार्ड क्रमांक 62 स्थित “दूधाधारी महिला प्राथमिक सहकारी उपभोक्ता भंडार” पर अनियमितता मिलने पर 7,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया और कड़ी चेतावनी जारी की गई।
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खाद्य विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी भी उचित मूल्य दुकान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के नियमों का उल्लंघन पाया गया तो छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 के तहत कड़ी कार्रवाई होगी। राज्य सरकार ने दोहराया है कि पारदर्शी, जवाबदेह और लाभार्थी–केंद्रित खाद्यान्न वितरण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस व्यवस्था से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं होगा।