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नक्सलियों के खिलाफ आंदोलन के प्रणेता थे महेंद्र कर्मा
इंटरनेट डेस्क
Updated Sat, 25 May 2013 10:53 PM IST
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता महेंद्र कर्मा को छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ आंदोलन का प्रणेता कहा जाता है।
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भाजपा की रमन सिंह सरकार ने जब सलवा जुड़ूम आंदोलन की शुरूआत की तो महेंद्र कर्मा को ही उसका नेता माना गया।
छत्तीसगढ़ विधानसभा में 2003 से 2008 के बीच नेता प्रतिपक्ष रहे महेंद्र कर्मा ने अपने परिवार के दर्जनों लोगों को नक्सली हमले में खोया। वे 2000 से 2004 के बीच अजित जोगी सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री रहे।
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इससे पूर्व भी नक्सली चार बार कर्मा पर प्राणघातक हमला कर चुके हैं, जिनमें वे बच गए। यह उन पर 5वां हमला था, जिसमें वे नहीं बच पाए।
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8 नवंबर 2012 को हुए एक नक्सली हमले में वे बाल-बाल बच गए थे। हमला दंतेवाडा में उनके काफिले पर उस समय हुआ, जब वे अपने घर से जिला मुख्यालय जा रहे थे।
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य के रूप में अपनी राजनीति शुरू करने वाले महेंद्र कर्मा चार बार विधानसभा के सदस्य रहे। इसके अलावा वे 1996 में लोकसभा के भी सदस्य रहे।
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हवाला कांड के बाद जब माधवराव सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा देकर मध्यप्रदेश विकास कांग्रेस की स्थापना की तो महेंद्र कर्मा उनके साथ चले गए। बाद में वे कांग्रेस में लौट आए।
महेंद्र कर्मा छत्तीसगढ़ के सबसे शक्तिशाली आदिवासी नेताओं में से एक माने जाते थे। पिछला विधानसभा चुनाव वे हार गए थे।