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Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Mahaashtami 2023; women officers to gave bhoj 1100 girls in Ganga Maiya mandir in balod

Mahaashtami 2023: बालोद के गंगा मैया मंदिर परिसर में 1100 कन्याओं को भोज, परसोने वाली भी रहीं शक्ति स्वरूपा

Wed, 29 Mar 2023 08:01 PM IST
मोहनीश श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोद Published by: मोहनीश श्रीवास्तव Updated Wed, 29 Mar 2023 08:01 PM IST
सार

मंदिर प्रबंधन के लोगों ने बताया कि यहां पर महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संयुक्त योजनाओं का एक समावेश देखने को मिलता है। दरअसल हम कन्या पूजन इसलिए करते हैं क्योंकि यह हमारी सनातन संस्कृति में शामिल है।

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Mahaashtami 2023; women officers to gave bhoj 1100 girls in Ganga Maiya mandir in balod
अष्टमी पर महिला अफसरों ने 1100 कन्याओं को कराया भोज। - फोटो : संवाद

विस्तार

छत्तीसगढ़ के बालोद स्थित मां गंगा मैया मंदिर प्रांगण में महाअष्टमी पर बुधवार को 1100 कन्याओं को भोजन कराया गया। विधि विधान से पूजा अर्चना के साथ कन्या भोज की शुरुआत हुई। शक्ति की आराधना का पर्व है और शक्ति स्वरूपा कन्याओं के भोज के लिए मातृशक्ति ही आगे आई। कार्यक्रम की अतिथि भी कन्या शक्ति थी। मंदिर प्रबंधन का कहना था कि इस बार सारा जिम्मा महिला शक्ति ही संभाले। उसी के अनुरूप आज इसका उदाहरण भी देखने को मिला। अनुशासन के साथ कन्या भोज का आयोजन कराया गया।

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प्रशासनिक अधिकारियों ने परोसा भोजन
मां गंगा मैया मंदिर में कन्या भोजन के लिए जिलेभर की कन्याएं पहुंची हुई थीं। आसपास की महिलाएं पीले वस्त्र धारण कर कन्याओं को भोजन परोसने में लगी रहीं। इनमें कलेक्टर कुलदीप शर्मा की धर्मपत्नी पायल चौधरी, जिला पंचायत के सीईओ रेणुका श्रीवास्तव, एसडीएम रश्मि वर्मा, एसडीएम शीतल बंसल, प्राची ठाकुर, चांदनी देवांगन सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं। पायल चौधरी ने मंत्रोच्चार के साथ उद्बोधन की शुरुआत की। कहा कि बड़ा गर्व हो रहा है कि मैं इस पुनीत कार्य का हिस्सा बन पाई हूं। यह हमारी सनातन संस्कृति है और इसका पालन हमें सदैव करना चाहिए। 
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स्टील की थाली का उपहार

मां गंगा मैया मंदिर में भोज के बाद अतिथियों ने स्टील की थाली का उपहार सभी कन्याओं को दिया। इसका उद्देश्य एक प्लास्टिक मुक्त भारत बनाना रहा। वहीं मंदिर प्रबंधन के लोगों ने बताया कि यहां पर महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ संयुक्त योजनाओं का एक समावेश देखने को मिलता है। दरअसल हम कन्या पूजन इसलिए करते हैं क्योंकि यह हमारी सनातन संस्कृति में शामिल है। परंतु कन्याओं की सुरक्षा संरक्षण उन्हें शिक्षा से जोड़ना कन्याओं का सम्मान करना यह एक महत्वपूर्ण विषय है।

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