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महाशिवरात्रि 2018: छत्तीसगढ़ का 'काशी' और बढ़ने वाले शिवलिंग के बारे में जानें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Updated Tue, 13 Feb 2018 10:06 AM IST
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लक्ष्मणेश्वर मंदिर
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लक्ष्मणेश्वर मंदिर
लक्ष्मणेश्वर मंदिर को छत्तीसगढ़ का काशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि रावण के संहार के बाद लक्ष्मण जी ने रामचंद्र जी से इस मंदिर की स्थापना करवाई थी। मंदिर के गर्भगृह में लक्ष्मण जी द्वारा स्थापित लक्ष्यलिंग मौजूद है। इस मंदिर को लखेश्वर महादेव भी कहा जाता है क्योंकि इसमें एक लाख लिंग मौजूद हैं।
इस मंदिर में एक पातालगामी लक्ष्य छिद्र है जिसमें जितना भी जल डाला जाए वह उसमें समाहित हो जाता है। इन छिद्रों में एक ऐसा छिद्र भी है जिसमें हमेशा जल भरा रहता है। इसे अक्षय कुंड कहते हैं।
छत्तीसगढ़ में लखेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कहा जाता है कि भगवान राम ने इस जगह खर और दूषण नाम के राक्षसों का संहार किया था इसलिए यह जगह खरौद ने नाम से मशहूर हुई।
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लक्ष्मणेश्वर मंदिर को छत्तीसगढ़ का काशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि रावण के संहार के बाद लक्ष्मण जी ने रामचंद्र जी से इस मंदिर की स्थापना करवाई थी। मंदिर के गर्भगृह में लक्ष्मण जी द्वारा स्थापित लक्ष्यलिंग मौजूद है। इस मंदिर को लखेश्वर महादेव भी कहा जाता है क्योंकि इसमें एक लाख लिंग मौजूद हैं।
इस मंदिर में एक पातालगामी लक्ष्य छिद्र है जिसमें जितना भी जल डाला जाए वह उसमें समाहित हो जाता है। इन छिद्रों में एक ऐसा छिद्र भी है जिसमें हमेशा जल भरा रहता है। इसे अक्षय कुंड कहते हैं।
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छत्तीसगढ़ में लखेश्वर महादेव मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कहा जाता है कि भगवान राम ने इस जगह खर और दूषण नाम के राक्षसों का संहार किया था इसलिए यह जगह खरौद ने नाम से मशहूर हुई।
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वह शिवलिंग जिसका आकार बढ़ रहा है
भूतेश्वर महादेव
भूतेश्वर महादेव
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित भूतेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ में मौजूद सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है। इस शिवलिंग की सबसे खास बात यह है कि हर साल इसका आकार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले यह शिवलिंग छोटा था।
धीरे-धीरे इसकी ऊंचाई एवं गोलाई बढ़ती जा रही है। श्रध्दालुओं का मानना है कि शिवलिंग हर साल करीब 10 इंच बढ़ता है। शिवलिंग जमीन से लगभग 85 फीट ऊंचा और 105 फीट गोलाकार है।
गरियाबंद जिला मुख्यालय से 3 किमी दूर मरौदा गांव की पहाड़ियों पर स्थित इस मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यह लोगों की आस्था का केंद्र है और इसे काशी की तरह पवित्र और पावन माना जाता है।
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में स्थित भूतेश्वर महादेव छत्तीसगढ़ में मौजूद सबसे बड़ा शिवलिंग माना जाता है। इस शिवलिंग की सबसे खास बात यह है कि हर साल इसका आकार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक पहले यह शिवलिंग छोटा था।
धीरे-धीरे इसकी ऊंचाई एवं गोलाई बढ़ती जा रही है। श्रध्दालुओं का मानना है कि शिवलिंग हर साल करीब 10 इंच बढ़ता है। शिवलिंग जमीन से लगभग 85 फीट ऊंचा और 105 फीट गोलाकार है।
गरियाबंद जिला मुख्यालय से 3 किमी दूर मरौदा गांव की पहाड़ियों पर स्थित इस मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। यह लोगों की आस्था का केंद्र है और इसे काशी की तरह पवित्र और पावन माना जाता है।