{"_id":"5b878a4342c792463d4adc0c","slug":"leave-canceled-of-5-lakh-employees-till-elections-are-held-in-chhattisgarh","type":"story","status":"publish","title_hn":"चुनाव होने तक 5 लाख कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, विरोध में उतरा जनसैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चुनाव होने तक 5 लाख कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, विरोध में उतरा जनसैलाब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:40 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साल के अंत तक छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव संपन्न होने हैं, ऐसे में चुनाव होने तक प्रदेश भर के पांच लाख कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इस बीच इलेक्शन अर्जेंट के नाम पर अर्जित अवकाश (ईएल) रद्द करने और जिला कलेक्टर की ही अनुमति से सीएल देने के आदेश से प्रदेश के करीब पांच लाख कर्मचारियों ने कड़ा एतराज जताया है। कर्मचारी संगठन शुक्रवार को प्रदेश दौरे पर आ रहे मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत के समक्ष विरोध जताने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
चुनाव काम में कोटवार से लेकर कलेक्टर तक करीब 5 लाख अधिकारी-कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। इनमें 60 हजार से अधिक पुलिस वाले हैं। बिमारियों के इस सीजन में ऐसी पाबंदी से कर्मियों में बड़ा आक्रोश देखा जा रहा है।
विज्ञापन
बता दें कि राज्य पुलिसकर्मी और उनके परिजन छुट्टियों को लेकर पहले ही जून में बड़ा आंदोलन कर चुके हैं। राज्य निर्वाचन कार्यालय ने हाल में एक आदेश जारी कर चुनाव प्रकिया पूरी होने तक सभी अधिकारी-कर्मचारियों के ईएल और सीएल को रद्द कर दिया है। यह आदेश विधानसभा चुनावों की मतगणना पूरी होने तक लागू रहेगा।
विज्ञापन
कर्मचारियों को खफा करने वाले इस आदेश में कहा गया है कि बहुत जरूरी होने पर डीआरओ यानि कलेक्टर की एनओसी से विभागीय अधिकारी संबंधित कर्मियों की छुट्टी मंजूर कर सकेंगे। वहीं केवल एक दिन के सीएल देने की ही अनुमति विभाग प्रमुख को होगी।