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सीजी: हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए आखिरी अवसर, सरकारी वाहनों में भी नियम का पालन नहीं
Thu, 22 Oct 2026 07:26 PM IST
अमन कोशले
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रायपुर
Published by: अमन कोशले
Updated Thu, 22 Oct 2026 07:26 PM IST
सार
एक अप्रैल, 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए तीन महीने की नई समय-सीमा का प्रस्ताव तैयार किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के नियमानुसार एक अप्रैल, 2019 से पहले पंजीकृत सभी वाहनों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) लगाना अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए तीन महीने की नई समय-सीमा का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके बावजूद बालोद जिले में आम जनता के साथ कई शासकीय वाहन अब भी पुरानी नंबर प्लेट के सहारे सड़कों पर दौड़ रहे हैं।
मोटर वाहन अधिनियम के तहत एचएसआरपी न लगाने पर 500 से 5,000 रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यह नियम शासकीय और निजी, दोनों प्रकार के वाहनों पर समान रूप से लागू होता है। इसके बाद भी जिले में अब तक करीब 45 से 50 प्रतिशत वाहनों में ही यह प्लेट लग पाई है।
सरकारी वाहनों में नियमों की अनदेखी
जिले के पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के वाहनों में नियमों की अनदेखी हो रही है। कुछ वाहनों में तो पंजीयन संख्या तक दर्ज नहीं है, फिर भी उनका उपयोग मरीजों को लाने और ले जाने में किया जा रहा है। आम नागरिकों के यातायात नियम तोड़ने पर पुलिस तुरंत चालानी कार्रवाई करती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की गाड़ियों पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। दूसरी ओर, जिले में एचएसआरपी लगाने के लिए खोले गए अधिकांश केंद्र बंद हो चुके हैं। इस वजह से शेष गाड़ियों में प्लेट लगाने की प्रक्रिया सुस्त पड़ गई है।
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जल्द जारी होगा विभागीय पत्र
जिला परिवहन अधिकारी योगेश भंडारी ने बताया कि एचएसआरपी लगाने का नियम सभी वाहनों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन शासकीय विभागों के वाहनों में अभी तक यह प्लेट नहीं लग सकी है, उन्हें जल्द ही एक पत्र भेजा जाएगा। पत्र के माध्यम से सभी संबंधित विभागों को अपने वाहनों में जल्द से जल्द नंबर प्लेट लगवाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन हो सके।
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मोटर वाहन अधिनियम के तहत एचएसआरपी न लगाने पर 500 से 5,000 रुपये तक जुर्माना लगाने का प्रावधान है। यह नियम शासकीय और निजी, दोनों प्रकार के वाहनों पर समान रूप से लागू होता है। इसके बाद भी जिले में अब तक करीब 45 से 50 प्रतिशत वाहनों में ही यह प्लेट लग पाई है।
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सरकारी वाहनों में नियमों की अनदेखी
जिले के पुलिस, राजस्व और स्वास्थ्य विभाग सहित कई महत्वपूर्ण विभागों के वाहनों में नियमों की अनदेखी हो रही है। कुछ वाहनों में तो पंजीयन संख्या तक दर्ज नहीं है, फिर भी उनका उपयोग मरीजों को लाने और ले जाने में किया जा रहा है। आम नागरिकों के यातायात नियम तोड़ने पर पुलिस तुरंत चालानी कार्रवाई करती है, लेकिन जिम्मेदार विभागों की गाड़ियों पर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है। दूसरी ओर, जिले में एचएसआरपी लगाने के लिए खोले गए अधिकांश केंद्र बंद हो चुके हैं। इस वजह से शेष गाड़ियों में प्लेट लगाने की प्रक्रिया सुस्त पड़ गई है।
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जल्द जारी होगा विभागीय पत्र
जिला परिवहन अधिकारी योगेश भंडारी ने बताया कि एचएसआरपी लगाने का नियम सभी वाहनों के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन शासकीय विभागों के वाहनों में अभी तक यह प्लेट नहीं लग सकी है, उन्हें जल्द ही एक पत्र भेजा जाएगा। पत्र के माध्यम से सभी संबंधित विभागों को अपने वाहनों में जल्द से जल्द नंबर प्लेट लगवाने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि नियमों का कड़ाई से पालन हो सके।