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CG: नेशनल लोक अदालत में लंबित लाखों मामलों का किया गया निराकरण, पारित किए गए एक अरब 99 करोड़ रुपये के अवार्ड
Sat, 13 Jul 2024 09:48 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
अमर उजाला नेटवर्क, बिलासपुर
Published by: श्याम जी.
Updated Sat, 13 Jul 2024 09:48 PM IST
सार
नेशनल लोक अदालत में शनिवार को सात लाख 73 हजार से अधिक प्री लिटिगेशन मामला और 64 हजार पांच सौ रुपये से अधिक लंबित मामलों सहित लगभग आठ लाख से अधिक मामलों का निराकरण किया गया। साथ ही 1 अरब 99 करोड़ रुपये के अवार्ड पारित किए गए।
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कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
वर्चुअल मोड में निरीक्षण के दौरान चीफ जस्टिस ने जिला न्यायलय रायगढ़ के एक प्रकरण में समझौता करने के लिए समझाइश दी। एक उम्रदराज पति-पत्नी के मध्य घरेलू हिंसा का विवाद था और वे अलग-अलग रह रहे थे। लोक अदालत के दौरान उनका समझौता हुआ और वे एक साथ रहने के लिये तैयार हो गये। चीफ जस्टिस ने पक्षकारों के प्रयासों की सराहना की और दंपती को भविष्य के खुशहाल जीवन के लिए शुभकामनाएं दीं।
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चीफ जस्टिस सिन्हा ने हाईकोर्ट में नेशनल लोक अदालत के लिए गठित दो खण्डपीठों का भी भ्रमण किया। उन्होंने लोक अदालत की कार्यवाहियों का जायजा लेते हुए अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों को लोक अदालत के माध्यम से प्रकरणों को निराकृत कराने के लिए प्रेरित किया।
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चीफ जस्टिस की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य के इतिहास में पहली बार हाईकोर्ट के सभी जजों ने भी अपने पोर्टफोलियो जिलों में भ्रमण किया। जजों ने नेशनल लोक अदालत की कार्यवाहियों का निरीक्षण किया और लोक अदालत के पीठासीन अधिकारियों, सदस्यों व पक्षकारों को अधिक से अधिक मामले निपटाने के लिये प्रोत्साहित किया गया। इससे मामलों के निराकरण और पक्षकारों को राहत दिलाने में सहायता मिली।
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