फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   korea-sonhat-four-elephants-terror-paddy-crops-damaged-villagers-night-vigil

छत्तीसगढ़: कोरिया में हाथियों की दहशत, तैयार धान की फसल रौंदी; परिवार की सुरक्षा में रातभर जाग रहे लोग

Tue, 20 Oct 2026 07:35 PM IST
तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरिया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरिया Published by: तरुणेंद्र कुमार चतुर्वेदी Updated Tue, 20 Oct 2026 07:35 PM IST
सार

छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत वन परिक्षेत्र में चार हाथियों का दल पिछले 12 दिनों से विचरण कर रहा है। हाथियों ने लोलकी और जोगिया क्षेत्र में किसानों की तैयार धान की फसल को रौंदकर नुकसान पहुंचाया है।

विज्ञापन
korea-sonhat-four-elephants-terror-paddy-crops-damaged-villagers-night-vigil
फाइल फोटो।

विस्तार

कोरिया जिले स्थित सोनहत वन परिक्षेत्र में चार हाथियों का दल पिछले 12 दिनों से लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों की इस अनवरत मौजूदगी ने आसपास के इलाकों में भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। इस दल ने लोलकी और जोगिया क्षेत्र में किसानों की तैयार धान की फसलों को रौंदकर पूरी तरह चौपट कर दिया है। मेहनत से उगाई गई फसल के तबाह होने से किसान अत्यंत चिंतित हैं। हाथियों के हमले और गांव की ओर बढ़ने की आशंका के चलते ग्रामीण अपनी और अपने परिवारों की सुरक्षा के लिए रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं।
विज्ञापन


कछाड़ी और जोगिया क्षेत्र में जमाया डेरा
सोनहत वन परिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कछाड़ी बीट में चार हाथियों के इस समूह की आवाजाही दर्ज की गई है। वन विभाग के अनुसार, हाथियों का यह दल आसपास के जंगलों में लगातार अपनी जगह बदल रहा है। वर्तमान में जोगिया के जंगल में हाथियों ने अपना डेरा जमा रखा है। जोगिया जंगल से सटे इलाकों और खेतों के समीप हाथियों की मौजूदगी के कारण आसपास के सभी गांवों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी गई है।
विज्ञापन


फसलों को भारी नुकसान और ग्रामीणों में दहशत
हाथियों के दल ने लोलकी क्षेत्र में सबसे अधिक तबाही मचाई है, जहां खेतों में खड़ी धान की फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। इसके अलावा जोगिया इलाके में भी किसानों के खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। मेहनत से तैयार फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसान गहरे आर्थिक संकट की चिंता में डूब गए हैं। हाथियों की लगातार आवाजाही से ग्रामीणों में डर बना हुआ है। लोग रातभर जागकर अपने खेतों और घरों की निगरानी कर रहे हैं, ताकि हाथियों को गांव की दिशा में आने से रोका जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- रायपुर में विजयादशमी पर गजब की परंपरा: रावण के सामने थम जाती हैं ट्रेनों की रफ्तार, यात्री भी देखते हैं मेला

वन विभाग की निगरानी और मुआवजे की मांग
जोगिया के जंगलों में हाथियों की उपस्थिति को देखते हुए वन अमला लगातार उनकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। विभाग की ओर से स्थानीय ग्रामीणों को निरंतर सतर्क रहने और हाथियों के नजदीक न जाने की सलाह दी जा रही है। लगातार हो रहे नुकसान और भय के माहौल के बीच प्रभावित किसानों ने शासन और प्रशासन से राहत की गुहार लगाई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रशासन जल्द से जल्द फसल नुकसान का निष्पक्ष आकलन करे और प्रभावित किसानों को उचित क्षतिपूर्ति राशि प्रदान करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed