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एक ही नंबर की दो गाड़ियां: एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर पर लगाकर घूम रहा था युवक, मालिक ने किया पुलिस के हवाले
Tue, 27 Oct 2026 07:09 PM IST
कोरबा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 07:09 PM IST
सार
जिले में एक ही नंबर की दो गाड़ियों का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर बाइक पर लगाकर युवक शहर में घूम रहा था। वाहन मालिक की नजर पड़ने पर उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया है।
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एक ही नंबर की दो गाड़ियां, एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर पर लगाकर घूम रहा था युवक
विस्तार
कोरबा जिले में एक ही नंबर की दो गाड़ियों का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर बाइक पर लगाकर युवक शहर में घूम रहा था। वाहन मालिक की नजर पड़ने पर उसे पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया है। मामला मानिकपुर चौकी क्षेत्र का है।
जानकारी के अनुसार एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 12 बीपी 4887 अरुण सिंह ने रवि शंकर निवासी अंचल अग्रवाल उर्फ जिमी अग्रवाल को बेचा था। वर्तमान में एक्टिवा वाहन जिमी अग्रवाल के पास है और उनके नाम पर है।
इसी नंबर सीजी 12 बीपी 4887 लगी एक स्प्लेंडर बाइक पर कोरबा के दादर रोड में जिमी के भाई लोकेश अग्रवाल की नजर पड़ी। एक ही नंबर की दो गाड़ियां देखकर उन्हें शक हुआ। उन्होंने तुरंत स्प्लेंडर सवार को रोकवाया और गाड़ी के कागजात मांगे तो युवक गोलमोल जवाब देने लगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोकेश ने बाइक समेत चालक को पकड़कर मानिकपुर चौकी पुलिस के हवाले कर दिया।
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लोकेश अग्रवाल ने बताया कि स्प्लेंडर पर लगा नंबर उनके भाई अंचल अग्रवाल की एक्टिवा का है। स्प्लेंडर चला रहा युवक अरुण सिंह था। अगर इस नंबर से कोई घटना-दुर्घटना होती तो बेवजह उसके भाई को परेशानी झेलनी पड़ती। इसलिए उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
बताया जा रहा है कि अरुण सिंह रवि शंकर क्षेत्र का ही रहने वाला है। उसने स्प्लेंडर बाइक दादर निवासी किसी व्यक्ति से सेकंड हैंड खरीदी थी। उसके पास गाड़ी के वैध कागजात नहीं थे, इसलिए उसने अपनी पुरानी एक्टिवा का नंबर प्लेट निकालकर स्प्लेंडर पर लगा दिया और शहर में घूम रहा था।
इस मामले में मानिकपुर चौकी पुलिस ने स्प्लेंडर वाहन को जप्त कर लिया है। आरोपी अरुण सिंह के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 और 151 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सवाल यह है कि अरुण सिंह ने आखिर एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर पर क्यों लगाया? इसके पीछे उसकी क्या मंशा थी? क्या वह अपराध को छुपाने या चालान से बचने के लिए ऐसा कर रहा था? यह अब जांच का विषय है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
वहीं इस घटना के बाद लोगों में चर्चा है कि शहर में ऐसे और भी वाहन हो सकते हैं जो फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे हैं। पुलिस को सघन जांच अभियान चलाने की जरूरत है।
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जानकारी के अनुसार एक्टिवा वाहन क्रमांक सीजी 12 बीपी 4887 अरुण सिंह ने रवि शंकर निवासी अंचल अग्रवाल उर्फ जिमी अग्रवाल को बेचा था। वर्तमान में एक्टिवा वाहन जिमी अग्रवाल के पास है और उनके नाम पर है।
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इसी नंबर सीजी 12 बीपी 4887 लगी एक स्प्लेंडर बाइक पर कोरबा के दादर रोड में जिमी के भाई लोकेश अग्रवाल की नजर पड़ी। एक ही नंबर की दो गाड़ियां देखकर उन्हें शक हुआ। उन्होंने तुरंत स्प्लेंडर सवार को रोकवाया और गाड़ी के कागजात मांगे तो युवक गोलमोल जवाब देने लगा। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर लोकेश ने बाइक समेत चालक को पकड़कर मानिकपुर चौकी पुलिस के हवाले कर दिया।
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लोकेश अग्रवाल ने बताया कि स्प्लेंडर पर लगा नंबर उनके भाई अंचल अग्रवाल की एक्टिवा का है। स्प्लेंडर चला रहा युवक अरुण सिंह था। अगर इस नंबर से कोई घटना-दुर्घटना होती तो बेवजह उसके भाई को परेशानी झेलनी पड़ती। इसलिए उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
बताया जा रहा है कि अरुण सिंह रवि शंकर क्षेत्र का ही रहने वाला है। उसने स्प्लेंडर बाइक दादर निवासी किसी व्यक्ति से सेकंड हैंड खरीदी थी। उसके पास गाड़ी के वैध कागजात नहीं थे, इसलिए उसने अपनी पुरानी एक्टिवा का नंबर प्लेट निकालकर स्प्लेंडर पर लगा दिया और शहर में घूम रहा था।
इस मामले में मानिकपुर चौकी पुलिस ने स्प्लेंडर वाहन को जप्त कर लिया है। आरोपी अरुण सिंह के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 185 और 151 के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सवाल यह है कि अरुण सिंह ने आखिर एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर पर क्यों लगाया? इसके पीछे उसकी क्या मंशा थी? क्या वह अपराध को छुपाने या चालान से बचने के लिए ऐसा कर रहा था? यह अब जांच का विषय है। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।
वहीं इस घटना के बाद लोगों में चर्चा है कि शहर में ऐसे और भी वाहन हो सकते हैं जो फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूम रहे हैं। पुलिस को सघन जांच अभियान चलाने की जरूरत है।

एक ही नंबर की दो गाड़ियां, एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर पर लगाकर घूम रहा था युवक

एक ही नंबर की दो गाड़ियां, एक्टिवा का नंबर स्प्लेंडर पर लगाकर घूम रहा था युवक