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जर्जर सड़क और उड़ती धूल के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीण: सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास मार्ग बंद
Fri, 16 Oct 2026 01:44 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:44 PM IST
सार
जिले में जर्जर सड़क और उड़ती धूल से परेशान ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर देखने को मिला। आसपास के ग्रामीणों ने समस्याओं को लेकर सड़क चक्काजाम कर दिया, जिससे आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो गया।
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जर्जर सड़क और उड़ती धूल के खिलाफ ग्रामीणों का चक्काजाम
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरबा जिले के सुतर्रा-बांकीमोंगरा-कटघोरा बाईपास मुख्य मार्ग पर जर्जर सड़क और उड़ती धूल से परेशान ग्रामीणों ने आज सुबह 9 बजे से चक्काजाम कर दिया। लखनपुर सहित आसपास के कई गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और आवागमन पूरी तरह रोक दिया।
चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है, जगह-जगह गड्ढे हैं और भारी वाहनों की आवाजाही से लगातार धूल उड़ रही है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने जिला प्रशासन को चक्काजाम की चेतावनी दी थी। तब प्रशासन ने पानी छिड़काव और मरम्मत कार्य का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दोबारा ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी देने के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई, जिसके चलते आज उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा।
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प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के कारण सड़क और अधिक खराब हो गई है। उड़ती धूल से सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और घरों में धूल घुसने जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
ग्रामीण सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित पानी छिड़काव और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं और आंदोलन को समाप्त कराने के लिए ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक ठोस कार्रवाई और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक चक्काजाम जारी रहेगा।
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चक्काजाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग पर अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सड़क लंबे समय से जर्जर हालत में है, जगह-जगह गड्ढे हैं और भारी वाहनों की आवाजाही से लगातार धूल उड़ रही है, जिससे ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है।
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ग्रामीणों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने जिला प्रशासन को चक्काजाम की चेतावनी दी थी। तब प्रशासन ने पानी छिड़काव और मरम्मत कार्य का आश्वासन दिया था, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। दोबारा ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की चेतावनी देने के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई, जिसके चलते आज उन्हें मजबूरन सड़क पर उतरना पड़ा।
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प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहनों के कारण सड़क और अधिक खराब हो गई है। उड़ती धूल से सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन और घरों में धूल घुसने जैसी समस्याएं बढ़ गई हैं। स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
ग्रामीण सड़क की तत्काल मरम्मत, नियमित पानी छिड़काव और लिखित आश्वासन की मांग पर अड़े हुए हैं। मौके पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए हैं और आंदोलन को समाप्त कराने के लिए ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक ठोस कार्रवाई और लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक चक्काजाम जारी रहेगा।

जर्जर सड़क और उड़ती धूल के खिलाफ ग्रामीणों का चक्काजाम

जर्जर सड़क और उड़ती धूल के खिलाफ ग्रामीणों का चक्काजाम

जर्जर सड़क और उड़ती धूल के खिलाफ ग्रामीणों का चक्काजाम