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छत्तीसगढ़: 12 महीने लाल रहता है तालाब का पानी, डर के मारे ग्रामीणों ने छोड़ा इस्तेमाल; चूने का छिड़काव भी बेअसर
Tue, 15 Sep 2026 06:31 PM IST
कोरबा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
अमर उजाला नेटवर्क, कोरबा
Published by: कोरबा ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 06:31 PM IST
सार
गांव का तालाब लंबे समय से लाल पानी की वजह से चर्चा में है। कई बार चूने का छिड़काव कराने के बावजूद पानी का रंग नहीं बदला। ग्रामीण अब पानी की वैज्ञानिक जांच और समस्या के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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तालाब का पानी 12 महीने लाल गांव में मचा हड़कप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोरबा जिले के पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत गोपालपुर के आश्रित ग्राम कोलिहामुड़ा में एक अजीबोगरीब समस्या सामने आई है। यहां का तालाब बारह महीने लाल पानी से भरा रहता है। पानी का रंग लगातार बदलता है और लाल दिखाई देता है, जिसके चलते ग्रामीण डर के कारण तालाब के पानी का उपयोग बंद कर चुके हैं। लंबे समय से बनी इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
यह तालाब चैतमा से करीब एक किलोमीटर दूर गोपालपुर में स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब के पानी को साफ करने के लिए कई बार चूने का छिड़काव कराया गया, लेकिन इसके बाद भी पानी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, पानी आज भी मटमैला और लाल ही बना हुआ है।
सरपंच राम सिंह कंवर ने बताया कि तालाब का पानी कई वर्षों से लाल है। ग्रामीणों का मानना है कि पास के बांध से पानी के रिसाव के कारण तालाब में काई जम रही है, जिससे पानी लाल दिखाई देता है। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर और शाम के समय तालाब के पानी का रंग और ज्यादा बदलता हुआ दिखाई देता है।
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चैतमा निवासी सीपी जायसवाल ने कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। कई बार चूने का छिड़काव कराने के बाद भी पानी साफ नहीं हुआ। ग्रामीण आधार सिंह गोंड और राम सिंह गोंड ने भी बांध के रिसाव के कारण काई जमने की संभावना जताई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के पानी की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में आयरन सहित अन्य रासायनिक तत्वों की जांच होनी चाहिए ताकि लाल पानी के सही कारणों का पता चल सके। ग्रामीणों ने समस्या का स्थायी समाधान कर तालाब को फिर से उपयोग योग्य बनाने की मांग की है।
जानकारों के अनुसार पानी के लाल या लाल-भूरे रंग का एक प्रमुख कारण उसमें आयरन यानी लोहे की अधिक मात्रा हो सकती है। आसपास की मिट्टी या चट्टानों से लोह तत्व पानी में पहुंचता है और हवा के संपर्क में आने पर ऑक्सीकरण के कारण लाल-भूरे कण बन जाते हैं। इसके अलावा पानी की अम्लीयता, आसपास से होने वाला किसी प्रकार का रिसाव और कुछ सूक्ष्मजीव या शैवाल भी पानी के रंग में बदलाव का कारण हो सकते हैं। हालांकि कोलिहामुड़ा तालाब के लाल होने का वास्तविक कारण वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
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यह तालाब चैतमा से करीब एक किलोमीटर दूर गोपालपुर में स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार तालाब के पानी को साफ करने के लिए कई बार चूने का छिड़काव कराया गया, लेकिन इसके बाद भी पानी की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ, पानी आज भी मटमैला और लाल ही बना हुआ है।
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सरपंच राम सिंह कंवर ने बताया कि तालाब का पानी कई वर्षों से लाल है। ग्रामीणों का मानना है कि पास के बांध से पानी के रिसाव के कारण तालाब में काई जम रही है, जिससे पानी लाल दिखाई देता है। ग्रामीणों ने बताया कि दोपहर और शाम के समय तालाब के पानी का रंग और ज्यादा बदलता हुआ दिखाई देता है।
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चैतमा निवासी सीपी जायसवाल ने कहा कि यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं हो रही है। कई बार चूने का छिड़काव कराने के बाद भी पानी साफ नहीं हुआ। ग्रामीण आधार सिंह गोंड और राम सिंह गोंड ने भी बांध के रिसाव के कारण काई जमने की संभावना जताई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तालाब के पानी की वैज्ञानिक जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी में आयरन सहित अन्य रासायनिक तत्वों की जांच होनी चाहिए ताकि लाल पानी के सही कारणों का पता चल सके। ग्रामीणों ने समस्या का स्थायी समाधान कर तालाब को फिर से उपयोग योग्य बनाने की मांग की है।
जानकारों के अनुसार पानी के लाल या लाल-भूरे रंग का एक प्रमुख कारण उसमें आयरन यानी लोहे की अधिक मात्रा हो सकती है। आसपास की मिट्टी या चट्टानों से लोह तत्व पानी में पहुंचता है और हवा के संपर्क में आने पर ऑक्सीकरण के कारण लाल-भूरे कण बन जाते हैं। इसके अलावा पानी की अम्लीयता, आसपास से होने वाला किसी प्रकार का रिसाव और कुछ सूक्ष्मजीव या शैवाल भी पानी के रंग में बदलाव का कारण हो सकते हैं। हालांकि कोलिहामुड़ा तालाब के लाल होने का वास्तविक कारण वैज्ञानिक जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

तालाब का पानी 12 महीने लाल गांव में मचा हड़कप

तालाब का पानी 12 महीने लाल गांव में मचा हड़कप

तालाब का पानी 12 महीने लाल गांव में मचा हड़कप